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Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी व्रत में किन परिस्थितियों में पी सकते हैं पानी? जानें व्रत के नियम

Mon, 22 Jun 2026 02:30 PM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Nirjala Ekadashi Fast Rules: शास्त्रों में निर्जला एकादशी व्रत को अत्यंत कठोर माना गया है, क्योंकि इसमें अन्न ही नहीं बल्कि जल का सेवन भी नहीं किया जाता। आइए जानते हैं इस व्रत के सही नियम क्या हैं और किन लोगों को पानी पीने की अनुमति होती है। 
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क्या निर्जला एकादशी व्रत में पानी पी सकते हैं? - फोटो : AI
Nirjala Ekadashi Vrat Mein Pani Pine Ke Niyam: निर्जला एकादशी को लेकर लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल इसके नियमों को लेकर रहता है। खासतौर पर यह जानने की जिज्ञासा रहती है कि क्या इस व्रत में पानी पीना पूरी तरह वर्जित है या कुछ स्थितियों में इसकी अनुमति दी जा सकती है। शास्त्रों में इस व्रत को अत्यंत कठोर माना गया है, क्योंकि इसमें अन्न ही नहीं बल्कि जल का सेवन भी नहीं किया जाता। हालांकि वर्तमान समय में बढ़ती गर्मी और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के कारण हर किसी के लिए इसे पूरी तरह निर्जल रहकर निभाना आसान नहीं होता। ऐसे में इस विषय को समझना जरूरी हो जाता है। आइए जानते हैं इस व्रत के सही नियम क्या हैं और किन लोगों को पानी पीने की अनुमति होती है।
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निर्जला एकादशी के प्रमुख नियम - फोटो : freepik
निर्जला एकादशी के प्रमुख नियम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है जब इसे बिना जल ग्रहण किए रखा जाए। कथा के अनुसार महाभारत काल में भीमसेन ने भी इसी प्रकार निर्जल रहकर यह व्रत किया था, जिससे उन्हें सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त हुआ। नियमों के मुताबिक, एकादशी तिथि के सूर्योदय से लेकर द्वादशी तिथि के सूर्योदय तक व्रती न तो अन्न ग्रहण करता है और न ही पानी पीता है। इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और भक्ति करना विशेष फलदायी माना गया है।
 
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अगर निर्जला व्रत रखना संभव न हो तो क्या करें? - फोटो : amar ujala
निर्जला व्रत रखना संभव न हो तो क्या करें?
इस व्रत का मूल स्वरूप बिना जल के रहना है, फिर भी कुछ विशेष परिस्थितियों में इसमें थोड़ी छूट दी जाती है। यदि कोई व्यक्ति बीमार है, अत्यधिक वृद्ध है या फिर स्वास्थ्य कारणों से निर्जला नहीं रह सकता, तो वह पानी का सेवन कर सकता है। हालांकि ऐसी स्थिति में भी संयम बनाए रखना आवश्यक है।
 

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निर्जला व्रत रखना संभव न हो तो क्या करें? - फोटो : adobe stock
वहीं, यदि स्वास्थ्य पूरी तरह ठीक है, तो व्रत को शास्त्र अनुसार निर्जला ही रखना अधिक शुभ माना गया है। साथ ही यदि किसी को गंभीर स्वास्थ्य समस्या है तो उसे व्रत रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह जरूर लेनी चाहिए।
 
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निर्जला एकादशी 2026 का मुहूर्त - फोटो : अमर उजाला AI
निर्जला एकादशी 2026 का मुहूर्त
साल 2026 में निर्जला एकादशी तिथि 24 जून को रात 08 बजकर 9 मिनट पर प्रारंभ होगी और इस तिथि का समापन 25 जून को रात 09 बजकर 14 मिनट पर होगा। उदया तिथि के आधार पर निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून को रखा जाएगा। वहीं, व्रत का पारण 26 जून की सुबह किया जाएगा।
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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