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Magh Gupt Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि और माघ गुप्त नवरात्रि में बन रहा है संयोग, जानें इस साल क्या है खास

Sat, 10 Jan 2026 01:01 PM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Navratri Dates 2026: इस वर्ष नवरात्रि की तिथियों में खास संयोग देखने को मिल रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल माघ और चैत्र नवरात्रि करीब 10–11 दिन पहले शुरू हो रही हैं। आइए जानते हैं कि इस साल चारों नवरात्रि की तिथियां क्या रहने वाली है। 
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नवरात्रि 2026 चार नवरात्रि और विशेष संयोग - फोटो : Amar Ujala
Magh Gupt Navratri 2026: हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। पूरे वर्ष में कुल चार नवरात्रि आती हैं, जिनमें दो गुप्त नवरात्रि और दो प्रकट नवरात्रि होती हैं। देवी भागवत महापुराण में इन चारों नवरात्रियों में मां दुर्गा की उपासना का उल्लेख मिलता है। वर्ष में आने वाली चार नवरात्रि आमतौर पर इन महीनों में ही पड़ती है।
  • माघ गुप्त नवरात्रि (जनवरी)
  • आषाढ़ गुप्त नवरात्रि (जुलाई)
  • चैत्र नवरात्रि (मार्च-अप्रैल)
  • शारदीय नवरात्रि (सितंबर-अक्तूबर)
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नवरात्रि 2026 की तिथियां - फोटो : Adobe Stock
नवरात्रि 2026 की तिथियां (Navratri Dates 2026)
इस वर्ष नवरात्रि की तिथियों में खास संयोग देखने को मिल रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल माघ और चैत्र नवरात्रि करीब 10–11 दिन पहले शुरू हो रही हैं। आइए जानते हैं कि इस साल चारों नवरात्रि की तिथियां क्या रहने वाली है। 
  • माघ गुप्त नवरात्रि- 19 जनवरी 2026 से
  • चैत्र नवरात्रि- 19 मार्च 2026 से
  • आषाढ़ गुप्त नवरात्रि- 15 जुलाई 2026 से
  • शारदीय नवरात्रि- 11 अक्तूबर 2026 

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2026 में तिथियों में बदलाव का कारण - फोटो : Adobe Stock
2026 में तिथियों में बदलाव का कारण
हिंदी पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में दो ज्येष्ठ माह पड़ रहे हैं, जिसे अधिक मास (मलमास) कहा जाता है। यही कारण है कि इस साल व्रत-त्योहारों और नवरात्रि की तिथियों में बदलाव हो रहा है। धार्मिक मान्यता है कि अधिक मास वाले वर्ष में दान, जप, तप और देवी साधना का विशेष फल मिलता है।

अधिक मास 
ज्येष्ठ अधिक मास: 17 मई से 15 जून 2026 तक

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हिंदू नववर्ष 2026 और अधिक मास  - फोटो : Adobe Stock
हिंदू नववर्ष 2026 और अधिक मास 
  • विक्रम संवत 2083, 19 मार्च 2026 से प्रारंभ होगा।
  • इसी दिन गुड़ी पड़वा और चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होगी।
  • हिंदू नववर्ष 2026 13 महीनों का संवत्सर होगा।
  • ज्येष्ठ अधिक मास 17 मई से 15 जून 2026 तक रहेगा।
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माघ और चैत्र नवरात्रि का विशेष संयोग - फोटो : Adobe Stock
माघ और चैत्र नवरात्रि का विशेष संयोग
वर्ष 2026 में एक दुर्लभ संयोग बन रहा है। माघ गुप्त नवरात्रि और चैत्र नवरात्रि, दोनों की शुरुआत 19 तारीख से हो रही है।

धार्मिक महत्व
  • माघ गुप्त नवरात्रि तंत्र साधना और गुप्त उपासना से जुड़ी होती है।
  • चैत्र नवरात्रि नवसंवत्सर, शक्ति आराधना और नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

 

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