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Mokshada Ekadashi 2024: दिसंबर में कब रखा जाएगा मोक्षदा एकादशी व्रत ? यहां जानें तिथि और पूजा मुहूर्त

Sun, 08 Dec 2024 07:38 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Mokshada Ekadashi 2024: हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में एकादशी व्रत रखा जाता है, यह सभी भगवान विष्णु को समर्पित है। एकादशी पर उपवास रखने से साधक के कष्टों का निवारण होता है।
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मोक्षदा एकादशी व्रत 2024 - फोटो : अमर उजाला
Mokshada Ekadashi 2024: हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में एकादशी व्रत रखा जाता है, यह सभी भगवान विष्णु को समर्पित है। एकादशी पर उपवास रखने से साधक के कष्टों का निवारण होता है। हिंदू धर्म में सभी एकादशियां अपना विशेष महत्व रखती हैं, हालांकि इनमें मोक्षदा को सबसे खास माना गया है।

पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोक्षदा एकादशी का व्रत रखते हैं, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करने से साधक के धन धान्य में वृद्धि होती हैं। शास्त्रों में मोक्षदा को 'मौना एकादशी' या 'मौन अग्यारस' भी कहते हैं, यह तिथि पितरों की पूजा के लिए भी श्रेष्ठ होती है। इस दिन दान-दक्षिणा देने से पूर्वजों को मोक्ष मिलता है।

इस साल 11 दिसंबर 2024 को मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा, इस दिन वारीयन योग बन रहा है, जो शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इस योग में पूजा करने से मनचाहे परिणामों की प्राप्ति होती हैं, ऐसे में आइए मोक्षदा एकादशी की पूजा विधि के बारे में जानते हैं।
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मोक्षदा एकादशी व्रत 2024 - फोटो : freepik
मोक्षदा एकादशी तिथि
पंचांग के अनुसार इस साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 11 दिसंबर प्रातः 3 बजकर 42 मिनट पर होगा। इसका समापन 12 दिसंबर को रात्रि 1 बजकर 9 मिनट पर है।
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मोक्षदा एकादशी व्रत 2024 - फोटो : Freepik
पूजा विधि 
  • मोक्षदा एकादशी पर पूजा के लिए सबसे पहले एक चौकी लें।
  • चौकी पर साफ वस्त्र बिछाएं और विष्णु जी की प्रतिमा को स्थापित करें।
  • विष्णु जी को पीले वस्त्र पहनाएं। 
  • रोली और अक्षत का तिलक करें ।
  • पीले फल और भोग अर्पित करें।  
  • एकादशी व्रत की कथा सुनें।
  • विष्णु सहस्रनाम मंत्र का पाठ करें। 
  • सुख-समृद्धि की कामना करें और पूजा समाप्त करें।

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मोक्षदा एकादशी व्रत 2024 - फोटो : freepik

श्री विष्णु महामंत्र 

श्री विष्णु भगवते वासुदेवाय मंत्र

ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥

ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय

विष्णु गायत्री मंत्र

नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि।

तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।

धन प्राप्ति के लिए मंत्र

ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।

ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।।
 
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मोक्षदा एकादशी व्रत 2024 - फोटो : freepik
विष्णु के पंचरूप मंत्र
  • ॐ अं वासुदेवाय नम:।।
  • ॐ आं संकर्षणाय नम:।।
  • ॐ अं प्रद्युम्नाय नम:।।
  • ॐ अ: अनिरुद्धाय नम:।।
  • ॐ नारायणाय नम:।।
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मोक्षदा एकादशी व्रत 2024 - फोटो : freepik.com
भगवान विष्णु की आरती
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥

जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय...॥

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।
तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय...॥

तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥
पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय...॥

तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय...॥

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय...॥
दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।

अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय...॥

विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय...॥

तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय...॥

जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय...॥
 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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