Makar sankranti
मकर संक्रांति का ज्योतिषीय महत्व
वैदिक ज्योतिष में सूर्य के गोचर को संक्रांति कहा जाता है। सूर्य आत्मा, सरकारी नौकरी, उच्च पद, प्रतिष्ठा, मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता आदि का कारक है। यह तुला राशि में नीच का और मेष राशि में उच्च का होता है। जबकि सिंह राशि का यह स्वामी है। वहीं मकर राशि सूर्य के शत्रु ग्रह शनि की राशि है। सूर्य और शनि के बीच पिता-पुत्र का संबंध अवश्य है, किंतु वे दोनों एक-दूसरे के शत्रु हैं।