Makar Sankranti 2024: मकर संक्रांति का वैज्ञानिक महत्व
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मकर संक्रांति का वैज्ञानिक महत्व
ग्रहों के राजा सूर्य देव सभी 12 राशियों को प्रभावित करते हैं, लेकिन कर्क व मकर राशि में इनका प्रवेश अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन दोनों राशियों में सूर्य देव का प्रवेश छ: माह के अंतराल पर होता है। वैज्ञानिक नजरिए की बात करें तो पृथ्वी की धुरी 23.5 अंश झुकी होने के कारण सूर्य छः माह तक पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध के निकट होता है और शेष छः माह दक्षिणी गोलार्द्ध के निकट होता है।
मकर संक्रांति से पहले सूर्य दक्षिणी गोलार्ध के निकट होती है यानी उत्तरी गोलार्ध से अपेक्षाकृत दूर होता है, जिसकी वजह से उत्तरी गोलार्ध में रातें बड़ी एवं दिन छोटे होते हैं और इस समय सर्दी का मौसम होता है। वहीं मकर संक्रांति से सूर्य का उत्तरी गोलार्ध की ओर आना शुरू हो जाता है, इसलिए इस दिन से उत्तरी गोलार्ध में रातें छोटी एवं दिन बड़े होने लगते हैं और ठंड कम होने लगती है।