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Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि का पर्व आज, यहां जानें भद्रा से लेकर पूजा मुहूर्त तक सबकुछ

Wed, 26 Feb 2025 05:55 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Mahashivratri 2025: वैसे तो रोजाना घरों में भगवान शिव की पूजा की जाती है परंतु महाशिवरात्रि विशेष है। मान्यता है कि इस दिन शिव परिवार की उपासना से साधक के जीवन से दुखों का समापन और खुशियों का आगमन होता है।
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महाशिवरात्रि पर भद्रा का समय - फोटो : अमर उजाला
Mahashivratri 2025: वैसे तो रोजाना घरों में भगवान शिव की पूजा की जाती है परंतु महाशिवरात्रि विशेष है। मान्यता है कि इस दिन शिव परिवार की उपासना से साधक के जीवन से दुखों का समाधान और खुशियों का आगमन होता है। शास्त्रों में महाशिवरात्रि को भोलेनाथ की कृपा पाने का सबसे बड़ा और शुभ अवसर माना जाता है। बता दें महाशिवरात्रि पर शंकर जी और देवी पार्वती का पूरे विधि-विधान से विवाह संपन्न हुआ था, जो फाल्गुन कृष्ण की चतुर्दशी तिथि है। इस साल यह तिथि आज यानी 26 फरवरी 2025 को है, इसलिए पूरे भारत में महाशिवरात्रि का पावन पर्व पूरे धूमधाम से मनाया जा रहा है। परंतु इस बार महाशिवरात्रि पर भद्रा का साया बना हुआ है। ऐसे में सवाल यह है कि महादेव की पूजा का शुभ समय क्या है ? और भद्रा कब से कब तक लगने वाली है, आइए इस लेख के माध्यम से इन सभी के उत्तरों को जानते हैं....
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Mahashivratri 2025 - फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि पर भद्रा का समय
ज्योतिष गणना के अनुसार 26 फरवरी को प्रातः 11 बजकर 08 मिनट से रात्रि 10 बजकर 5 मिनट तक भद्रा का साया बना रहेगा। लेकिन महादेव कालों के काल महाकाल हैं, इसलिए भद्रा का उनकी उपासना पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। ऐसे में महाशिवरात्रि पर पूरे दिन भोलेनाथ की पूजा की जा सकती है। 
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चार प्रहर की पूजा का समय - फोटो : अमर उजाला
चार प्रहर की पूजा का समय
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - शाम 06:29 से रात 09 बजकर 34 मिनट तक
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - रात 09:34 से 27 फरवरी सुबह 12 बजकर 39 मिनट तक
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 27 फरवरी को रात 12:39 से सुबह 03 बजकर 45 मिनट तक
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - 27 फरवरी को सुबह 03:45 से 06 बजकर 50 मिनट तक

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दुर्लभ संयोग में महाशिवरात्रि - फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि पर ग्रहों का दुर्लभ संयोग
26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि है और इस तिथि पर काफी दुर्लभ योग बन रहा है। बता दें इस दिन शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में रहेंगे, जिससे मालव्य राजयोग बनेगा। वहीं मीन राशि में शुक्र की राहु के साथ भी युति हो रही है। इतना ही नहीं कुंभ राशि में सूर्य-शनि की भी युति होगी। ऐसा माना जा रहा है कि कुंभ राशि में बुध भी विराजमान है, जिससे तीनों ग्रहों की युति से त्रिग्रही योग के साथ-साथ सूर्य-बुध से बुधादित्य योग भी बनेगा। 
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शिव पूजा का निशिता काल मुहूर्त - फोटो : अमर उजाला
शिव पूजा का निशिता मुहूर्त
  • शिव पूजा का निशिता काल मुहूर्त: 26 फरवरी 2025, मध्यरात्रि 12:09 बजे से 12:59 बजे तक 
  •  निशिता काल पूजा की कुल अवधि:  कुल 50 मिनट 
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चार प्रहर की पूजा में मंत्र जाप - फोटो : अमर उजाला
चार प्रहर की पूजा में मंत्र जाप 
प्रथम प्रहर का मंत्र- 'ह्रीं ईशानाय नमः'
दूसरे प्रहर मंत्र- 'ह्रीं अघोराय नम:'
तीसरे प्रहर मंत्र- 'ह्रीं वामदेवाय नमः'
चौथे प्रहर मंत्र- 'ह्रीं सद्योजाताय नमः
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महाशिवरात्रि - फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि व्रत पारण समय
ज्योतिषियों की मानें तो महाशिवरात्रि पर व्रत पारण का समय 27 फरवरी को प्रातः 06 बजकर 48 मिनट से 08:54 मिनट तक है।
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महाशिवरात्रि पंचांग - फोटो : adobe stock
महाशिवरात्रि पंचांग
नक्षत्र श्रावण 17:11 तक
प्रथम करण वणिजा 11:06 तक
द्वितीय करण  विष्टि 22:01 तक
पक्ष कृष्ण   
वार बुधवार  
योग परिघा 26:49 तक
चंद्रमा       मकर       
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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