फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahashivratri 2023: महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक से पूरी होगी हर मनोकामना, जानें इसके प्रकार और महत्व

Sat, 18 Feb 2023 07:02 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक से पूरी होगी हर मनोकामना, जानें इसके प्रकार और महत्व - फोटो : iStock
Rudrabhishek and Benefits: इस साल 18 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाई जा रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि का ये पावन पर्व फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करना बेहद शुभ माना जाता है। शिवपुराण में महादेव की पूजा और अर्चना करने के लिए कुछ तिथियों को बेहद खास माना गया है। इन्हीं में से एक है महाशिवरात्रि। हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि को बहुत महत्वपूर्ण पर्व माना गया है। इस दिन बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती का विवाह हुआ था। मान्यता है कि इस दिन महाशिवरात्रि व्रत रखने से सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान शिव शंकर को प्रसन्न करने के लिए उनके भक्त व्रत रखते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव को प्रसन्न करने और अपनी मनोकामानाओं की पूर्ति के लिए रुद्राभिषेक भी कराया जाता है। रुद्राभिषेक से भगवान शिव काफी प्रसन्न होते हैं। आइए जानते हैं कि रुद्राभिषेक क्या होता है और इसके क्या महत्त्व हैं...

MahaShivratri 2023: महाशिवरात्रि पर भोले बाबा को लगाएं इन चीजों का भोग, बरसेगी कृपा 
विज्ञापन

2 of 5
महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक से पूरी होगी हर मनोकामना, जानें इसके प्रकार और महत्व - फोटो : Instagram
रुद्राभिषेक का अर्थ
रुद्राभिषेक दो शब्दों रुद्र और अभिषेक से मिलकर बना है। रुद्र शिव जी का ही एक रूप है। वहीं अभिषेक का अर्थ होता है स्नान कराना। इस तरह रुद्राभिषेक का अर्थ हुआ भगवान शिव के रुद्र रूप का अभिषेक करना।
विज्ञापन

3 of 5
महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक से पूरी होगी हर मनोकामना, जानें इसके प्रकार और महत्व - फोटो : iStock
रुद्राभिषेक का महत्व
रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव हर मनोकामना पूरी करते हैं। साथ ही इससे ग्रह जनित दोष, रोग, कष्ट और पाप से मुक्ति मिलती है। शिवपुराण में भी रुद्राभिषेक की महिमा का वर्णन किया गया है। यदि कोई मनोकामना हो तो सच्चे मन से रुद्राभिषेक करके देखें, निश्चित रूप से लाभ की प्राप्ति होगी।

MahaShivratri 2023: महाशिवरात्रि पर इन पूजन सामग्री के बिना अधूरी है शिव पूजा, देखें पूरी लिस्ट

 

4 of 5
महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक से पूरी होगी हर मनोकामना, जानें इसके प्रकार और महत्व - फोटो : iStock
कब करें रुद्राभिषेक?
रुद्राभिषेक कराने के लिए शिवलिंग में शिव जी की उपस्थिति देखना अत्यंत आवश्यक होता है। शिवपुराण में भी मान्यता है कि शिवलिंग में भगवान भोलेनाथ का निवास देखे बिना कभी भी रुद्राभिषेक नहीं करना चाहिए। कहा जाता है कि महाशिवरात्रि, प्रदोष और सावन माह के सोमवार को शिव जी धरती पर सभी शिवलिंग में विराजमान होते हैं। ऐसे में रुद्राभिषेक के लिए ये तिथियां सबसे उत्तम होती हैं।

MahaShivratri 2023: महाशिवरात्रि के दिन करें शिव-पार्वती चालीसा का पाठ, अखंड सौभाग्य की होगी प्राप्ति 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक से पूरी होगी हर मनोकामना, जानें इसके प्रकार और महत्व - फोटो : iStock
रुद्राभिषेक के प्रकार
ग्रह दोष दूर करने के लिए गंगाजल से रुद्राभिषेक करना चाहिए। 
घी की धारा से अभिषेक से वंश का विस्तार होता है।
उत्तम सेहत के लिए भांग से रुद्राभिषेक। 
धन संपत्ति की प्राप्ति के लिए गन्ने के रस से रुद्राभिषेक
घर में सुख एवं शांति के लिए दूध से रुद्राभिषेक। 
घर से कलह कलेश दूर करने के लिए दही से रुद्राभिषेक। 
शिक्षा में सफलता के लिए शहद से रुद्राभिषेक। 
दुश्मनों को परास्त करने के लिए भस्म से रुद्राभिषेक।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें