हिंदू धर्म में महादेव की पूजा-उपासना का विशेष महत्व होता है। भगवान भोलेनाथ की आराधना का महापर्व महाशिवरात्रि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इस बार महाशिवरात्रि का पर्व 18 फरवरी को है। वैसे तो हर माह मासिक शिवरात्रि का व्रत और पूजा-पाठ किया जाता है लेकिन फाल्गुन माह की शिवरात्रि का खास महत्व होता है। शिवजी को प्रसन्न करने से लिए शास्त्रों में सोमवार, सावन का महीना, मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ की विशेष पूजा आराधना की जाती है। इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, दुग्धाभिषेक और पंचामृत से भोलेनाथ का अभिषेक कर बिल्वपत्र, भांग, बेर,गाजर चढ़ाकर और पंचोपचार पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
शिवजी को भांग क्यों अर्पित करते हैं?
शिवजी को बेलपत्र और भांग बहुत ही प्रिय होते हैं। शिवलिंग पर भांग चढ़ाने से हमारे मन के विकार और बुराइयां दूर होती हैं। भांग एक औषधि है,मान्यता हैं कि जब शिव जी ने विष का पान किया था तब जहर का जहर से उपचार करने के लिए भांग के पत्ते देवताओं ने शिवजी पर चढ़ाए थे।
शनिदोष से मुक्ति के लिए चढ़ाएं शमी के पत्ते
आमतौर पर शमी के पत्ते शनिदेव को ही चढ़ाए जाते हैं, लेकिन ये पत्ते शिवलिंग पर भी चढ़ाए जाते हैं। रोज सुबह शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाएं और इसके बाद बिल्व के साथ ही शमी के पत्ते भी जरूर चढ़ाएं।ऐसा करने से भोलेनाथ के साथ-साथ शनिदेव की कृपा भी बनी रहेगी।
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महाशिवरात्रि वॉलपेपर 2023
- फोटो : amar ujala
अकाल मृत्यु से रक्षा के लिए शिवलिंग पर चढ़ाएं दूर्वा
भगवान शिव के पुत्र गणेश जी को दूर्वा घास बहुत ही प्रिय होती है। ऐसे में शिव जी को भी यह दूर्वा चढ़ाया जाता है। शास्त्रों में दूर्वा यानी घास का बहुत महत्व बताया गया है।मान्यता है कि इसमें अमृत बसा है। भगवान शिव को दूर्वा अर्पित करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
धनलाभ के लिए अर्पित करें आम के पत्ते
भगवान शिव को आम के पत्ते अर्पित करने से वे अपने भक्तों का दुर्भाग्य दूर करते हैं,साथ ही धन-लाभ की संभावनाएं बनती हैं। जीवन में सुख-सौभाग्य आता है।
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मन के विकार होंगे दूर
धतूरे का फल और पत्ता औषधि के रूप में भी काम आता है। शिव पुराण में वर्णित है कि शिवजी को धतूरा बहुत प्रिय है।ये पत्ते शिवलिंग पर चढ़ाने से भक्त के सभी बुरे विचार नष्ट होते हैं और सोच सकारात्मक बनती है।
ग्रहदोष निवारण
शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि पीपल पर त्रिदेवों का वास होता है। पीपल के पत्तों पर भगवान शिव का वास है।भगवान् शिव को पीपल के पत्ते अर्पित करने से ग्रहों के दोष दूर होते हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
कष्टों के निवारण के लिए
शिवलिंग पर आक का फूल भी अर्पित किया जाता है। आक का फूल और पत्ता दोनों ही भगवान भोलेनाथ को बेहद प्रिय है। मान्यता है कि जो भक्त भगवान शिव को आक के पुष्प और पत्ते अर्पित करते हैं। भगवान शिव उसके दैहिक,दैविक और भौतिक सभी तरह के कष्ट हर लेते हैं।