Mahashivratri 2022 : महाशिवरात्रि भगवान शिव को प्रसन्न करने और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने का उत्सव है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन भगवान शिव और महाशक्ति का मिलन हुआ था। वहीं ईशान संहिता के अनुसार फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि को भोलेनाथ दिव्य ज्योर्तिलिंग के रूप में प्रकट हुए थे। धार्मिक मान्यता यह है कि इस दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान के बाद भक्ति भाव और विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन एवं अभिषेक करने से भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं,उन्हें किसी तरह का कोई भय नहीं रहता। विवाहित महिलाओं को अपने सौभाग्य में वृद्धि के लिए तथा अविवाहित कन्याओं को शीघ्र विवाह तथा गुणवान पति पाने की अभिलाषा के साथ इस दिन व्रत रखना तथा भगवान शिव का अभिषेक करना विशेष रूप से लाभदायक होता है। शिवपुराण में वर्णित है कि भक्तिभाव से शिवलिंग पर अलग-अलग मनोकामनाओं के लिए अलग-अलग फूल चढ़ाएं।