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Maha Shivratri 2025: महाशिवरात्रि की पूजा से पहले अवश्य करें ये काम, भोलेनाथ की कृपा बनी रहेगी

Wed, 12 Feb 2025 06:27 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Mahashivratri 2025: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का त्योहार भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर कुछ विशेष उपाय करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन के सभी कार्य सफल होते हैं।
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maha shivratri 2025 - फोटो : amarujala
Task to do before Mahashivratri: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा की जाती है और इसे बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भक्ति भाव से की गई पूजा से भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। यह पर्व भक्तों के लिए भगवान शिव की आराधना करने और उनकी कृपा प्राप्त करने का अवसर है। कहा जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन की पूजा से मन को शांति मिलती है और यह आध्यात्मिक विकास में सहायक होती है। इस पर्व को मनाने से जीवन में सुख और समृद्धि का आगमन होता है।

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maha shivratri 2025 - फोटो : freepik
महाशिवरात्रि 2025 पूजा का शुभ मुहूर्त
महाशिवरात्रि पर निशिता काल में पूजा का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष निशिता पूजा का शुभ समय देर रात 12:09 बजे से 12:59 बजे तक रहेगा। यह समय तंत्र, मंत्र और सिद्धि के दृष्टिकोण से अत्यंत शुभ माना जाता है।
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maha shivratri 2025 - फोटो : freepik
रात्रि के चार प्रहर में पूजा का समय
महाशिवरात्रि के दिन चार प्रहर की पूजा की जाती है। 
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - शाम 06:19 बजे से रात 09:26 बजे तक
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - रात 09:26 बजे से देर रात 12:34 बजे तक, फरवरी 27
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - देर रात 12:34 बजे से 03:41 बजे तक, फरवरी 27
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - मध्य रात्रि 03:41 बजे से सुबह 06:48 बजे तब, फरवरी 27

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maha shivratri 2025 - फोटो : freepik
इन बातों का ध्यान रखें
महाशिवरात्रि से पहले आपको अपना पूजा स्थल साफ कर लेना चाहिए। यदि आपके घर का पूजा स्थल या मंदिर साफ नहीं है, तो आपकी पूजा को सफल नहीं माना जाता। पूजा घर को एक पवित्र स्थान माना जाता है, इसलिए इसकी सफाई अत्यंत आवश्यक है। माना जाता है कि यदि घर का मंदिर गंदा है, तो वहां ईश्वर का वास नहीं होता और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी होता है। महाशिवरात्रि से पहले सफाई करते समय कुछ विशेष नियमों का पालन अवश्य करें। आइए जानते हैं उन नियमों के बारे में 
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maha shivratri 2025 - फोटो : adobe stock
मूर्तियों को साफ करते समय रखें ध्यान 
जब भी आप मंदिर की सफाई करें, तो पहले मूर्तियों और तस्वीरों को हटा दें, फिर सफाई का कार्य करें। सफाई के बाद, मूर्तियों को स्थापित करने से पहले उन्हें भी अच्छे से साफ करें। यह मान्यता है कि यदि आपका पूजा स्थल स्वच्छ रहता है, तो इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन में प्रगति होती है।
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maha shivratri 2025 - फोटो : adobe stock
पूजा के बर्तनों को भी करें साफ 
पूजा के दौरान जिन बर्तनों का उपयोग करते हैं, उन्हें हमेशा साफ रखना चाहिए। जिस दीये में आप ज्योत लगाते हैं, वह अक्सर गंदा होता है, इसलिए दीपक जलाने से पहले उसे अवश्य साफ करें। यह भी माना जाता है कि पूजा में तांबे के बर्तनों का उपयोग करना शुभ होता है।
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maha shivratri 2025 - फोटो : adobe stock
भगवान के वस्त्रों की भी करें सफाई
मंदिर में रखी मूर्तियों पर चढ़ाए गए कपड़ों की सफाई करना आवश्यक माना जाता है। प्रयास करें कि मूर्तियों और तस्वीरों की सफाई के बाद, उन्हें मंदिर में स्थापित करने से पहले नए या धुले वस्त्र पहनाए जाएं। इन कार्यों के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है, और इसका पूरा फल प्राप्त नहीं होता। इसके अलावा, इससे जीवन में समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।
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maha shivratri 2025 - फोटो : freepik
रात के समय सफाई न करें
सूर्यास्त के बाद न केवल मंदिर, बल्कि घर के किसी भी स्थान की सफाई नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से घर में लक्ष्मी का आगमन रुक जाता है, जिससे आर्थिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अलावा, रात में मंदिर की सफाई करने से देवी-देवता नाराज हो सकते हैं, जिससे जीवन में दुखों का आगमन हो सकता है।


 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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