माघ के माहीने को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना गया है। इस माह में गुप्त नवरात्रि भी मनाई जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि वर्ष 2025 में गुप्त नवरात्रि कब से शुरू होंगी और घटस्थापना का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
Magh Gupt Navratri 2025: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, माघ माह को 11वां महीना माना जाता है। इस माह को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना गया है। इस महीने में गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। साल 2025 में माघ माह की शुरुआत 14 जनवरी, मंगलवार से हो रही है और यह माह 19 फरवरी, बुधवार तक रहेगा। इस दौरान स्नान, दान और उपवास का विशेष महत्व होता है। इस महीने भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ माह पुण्य कमाने और आत्मिक शुद्धि के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है। इस महीने में गुप्त नवरात्रि भी मनाई जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि वर्ष 2025 में गुप्त नवरात्रि कब से शुरू होंगी और घटस्थापना का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
गुप्त नवरात्रि का महत्व
माघ माह में गुप्त नवरात्रि का आयोजन विशेष रूप से किया जाता है। वर्ष 2025 में गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 30 जनवरी, गुरुवार से होगी और इनका समापन 7 फरवरी, शुक्रवार को होगा। यह नवरात्रि माघ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होकर नवमी तिथि तक मनाई जाती है। गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है। यह विशेष नवरात्रि उन साधकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, जो तंत्र साधना और गुप्त विद्याओं में रुचि रखते हैं।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
गुप्त नवरात्रि में घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। वर्ष 2025 में घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 9:25 से 10:46 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:13 से 12:56 बजे तक रहेगा। इन शुभ मुहूर्तों में घटस्थापना करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
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माघ गुप्त नवरात्रि 2025
- फोटो : adobe stock
गुप्त नवरात्रि की पूजा विधि
गुप्त नवरात्रि के दौरान देवी के 32 अलग-अलग नामों की पूजा की जाती है। इन नामों का जप और पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और साधक को आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। इस नवरात्रि के दौरान साधक विशेष मंत्रों का जाप करते हैं और देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करते हैं।
माघ माह और गुप्त नवरात्रि का यह विशेष समय साधकों और भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। इस दौरान विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।