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Gupt Navratri 2025: चौथे दिन की जाती है मां भुवनेश्वरी की पूजा, मिलता है ऐश्वर्य और महाविद्या का आशीर्वाद

Mon, 03 Feb 2025 11:07 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गुप्त नवरात्रि विशेष रूप से तांत्रिक और साधना करने वालों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। माघ मास की गुप्त नवरात्रि में चौथे दिन मां भुवनेश्वरी की पूजा की जाती है, जिन्हें आदिशक्ति का एक रूप माना जाता है।
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Magh Gupt Navratri 2025 - फोटो : Amar Ujala
Maa Bhuvaneshwari Puja 2025: हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष स्थान है, जिसमें देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है। साल में चार नवरात्रि होती हैं, जिनमें दो गुप्त नवरात्रि माघ और आषाढ़ मास में आती हैं। गुप्त नवरात्रि विशेष रूप से तांत्रिक और साधना करने वालों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। माघ मास की गुप्त नवरात्रि में चौथे दिन मां भुवनेश्वरी की पूजा की जाती है, जिन्हें आदिशक्ति का एक रूप माना जाता है।

मां भुवनेश्वरी का आध्यात्मिक महत्व
मां भुवनेश्वरी को जगत की अधिष्ठात्री देवी और संपूर्ण सृष्टि की रचनाकार माना जाता है। इन्हें शक्ति, ऐश्वर्य, सौंदर्य और ज्ञान की देवी के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब संसार में असुरों का अत्याचार बढ़ने लगा था, तब देवी-देवताओं ने भगवान शिव से सहायता मांगी। तब मां भुवनेश्वरी का प्राकट्य हुआ और उन्होंने भगवान शिव के साथ मिलकर दानवों का नाश किया।
 

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Magh Gupt Navratri 2025 - फोटो : amar ujala
पुराणों के अनुसार, भुवनेश्वरी लौकिक महासागर और दस महाविद्याओं में से एक हैं। उन्होंने राक्षस अंधका के खिलाफ भगवान शिव की लड़ाई में सहायता की थी। मां दुर्गा ने भुवनेश्वरी का अवतार लेकर असुरों का वध करने और संसार में संतुलन स्थापित करने का कार्य किया। उनकी उपासना से भक्तों को आध्यात्मिक बल प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
 
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shardiya Navratri Day 3 - फोटो : freepik
चौथे दिन की पूजा विधि
गुप्त नवरात्रि के चौथे दिन, भक्तों को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि करने के बाद पूजा स्थल को स्वच्छ करना चाहिए। इसके बाद व्रत का संकल्प लें और पूजन सामग्री एकत्र करें। मां भुवनेश्वरी की पूजा में विशेष रूप से लाल रंग का महत्व होता है। अतः उन्हें लाल फूल, लाल सिंदूर और चावल अर्पित करें। पूजा स्थल पर घी का दीपक जलाएं और मां को दूध या मेवे से बनी मिठाई का भोग लगाएं।

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shardiya navratri - फोटो : adobe stock
इसके बाद ध्यान और मंत्र जाप करें
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं भुवनेश्वर्यै नमः – इस मंत्र का 108 बार जाप करने से साधक को आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है।
ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः – सिद्धि और सफलता प्राप्ति के लिए इस मंत्र का जप करें।
मंत्र जाप के बाद मां भुवनेश्वरी की आरती करें और ध्यान साधना करें। उनकी कृपा से जीवन में बाधाएं दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
 
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shardiya navratri 2024 - फोटो : adobe stock
मां भुवनेश्वरी की पूजा का लाभ
मां भुवनेश्वरी की साधना करने से व्यक्ति के भीतर आध्यात्मिक शक्ति का संचार होता है। यह पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी मानी जाती है, जो तंत्र विद्या और सिद्धियों की ओर अग्रसर हैं। इसके अलावा, जो लोग अपने जीवन में ऐश्वर्य, सौंदर्य और ज्ञान प्राप्त करना चाहते हैं, वे भी इस देवी की उपासना कर सकते हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, मां भुवनेश्वरी की कृपा से व्यक्ति के जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं और उसे इच्छित फल प्राप्त होता है।
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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