लट्ठमार होली 2025
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कैसे शुरू हुई लट्ठमार होली?
यह परंपरा राधा और कृष्ण के प्रेम की कथा से जुड़ी हुई है। प्राचीन कहानियों के अनुसार, भगवान कृष्ण नंद के गांव में रहते थे, जबकि राधा बरसाना में थीं। एक बार, कृष्ण जी राधा से मिलने बरसाना पहुंचे, जहां उन्होंने राधा और उनकी सखियों को चिढ़ाना शुरू कर दिया। इससे नाराज होकर राधा रानी अपनी सखियों के साथ मिलकर कृष्ण जी और ग्वालों को लाठी से पीटने लगीं। इसी घटना के बाद से बरसाना और नंद गांव में लट्ठमार होली की परंपरा की शुरुआत हुई। तब से यहां महिलाएं पुरुषों को लाठियों से मारने का खेल खेलती हैं, जबकि पुरुष खुद को बचाने की कोशिश करते हैं और इस लट्ठमार होली का आनंद लेते हैं। इस अवसर पर रंगों के साथ-साथ फूलों की होली भी मनाई जाती है।