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Krishna Janmashtami 2025: मथुरा-वृंदावन में कब है जन्माष्टमी ? जानें दर्शन से लेकर मंगला आरती का समय

Thu, 14 Aug 2025 12:49 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Mathura-Vrindavan Janmashtami 2025: जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो हर साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर पड़ता है...
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Mathura-Vrindavan Janmashtami 2025 - फोटो : अमर उजाला
Mathura-Vrindavan Janmashtami 2025: जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो हर साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर पड़ता है। इस दिन भगवान कृष्ण के बालरूप की पूजा करने का विधान है। मान्यता है कि जन्माष्टमी पर मध्य रात्रि को प्रभु के जन्म होने के बाद उन्हें झूला झुलाने से व्यक्ति के समस्त दुखों का अंत और जीवन में खुशियां वास करती हैं। साथ ही प्रेम जीवन भी सुखमय बनता है।

जन्माष्टमी राधा-कृष्ण की कृपा पाने का भी सबसे बड़ा अवसर है, जो भक्तों को साल में एक बार मिलता है। इसलिए इस दिन देशभर में जगह-जगह पूजा-पंडाल लगाकर भगवान कृष्ण की झांकियां व भजन कीर्तनों का आयोजन किया जाता है, जो प्रभु के प्रति भक्ति व्यक्त करने का सबसे शुभ तरीका है। हालांकि जन्माष्टमी की विशेष रौनक श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में देखने को मिलती हैं। यहां गली-गली में बड़ो से लेकर बच्चों तक सभी उनकी लीलाओं और शरारतों का याद करते हुए इस पर्व को मनाते हैं। यही नहीं कृष्ण जी की लीलाओं की भूमि वृंदावन में मौजूद बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती का भव्य आयोजन भी किया जाता है। ऐसे में आइए इस वर्ष मथुरा-वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की संपूर्ण जानकारी को विस्तार से जानते हैं।
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Mathura-Vrindavan Janmashtami 2025 - फोटो : adobe stock
मथुरा-वृंदावन में कब मनाई जाएगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी?
इस साल मथुरा-वृंदावन में 16 अगस्त 2025 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा। इस खास अवसर पर मंदिरों को फूलों से सजाया जाएगा। साथ ही लड्डू गोपाल की पूजा के लिए पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन किए जाएंगे।
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Mathura-Vrindavan Janmashtami 2025 - फोटो : अमर उजाला
जन्मभूमि पर जन्माभिषेक कार्यक्रम
  • श्री गणपति एवं नवग्रह स्थापना-पूजन आदि रात 11:00
  • सहस्त्रार्चन (पुष्प एवं तुलसीदल से) रात 11: 55 बजे तक
  • प्राकट्य दर्शन के लिए पट बंद रात 11:59 मिनट पर
  • प्राकट्य दर्शन और आरती रात 12:00 बजे से 12: 10 बजे तक
  • पयोधर महाभिषेक (कामधेनु) रात 12: 10 बजे से 12: 25 बजे तक
  • ठाकुर जी का जन्म-महाभिषेक रात 12: 25 बजे से 12: 40 बजे तक
  • श्रंगार आरती रात 12: 45 बजे से 12: 50 बजे तक
  • शयन आरती रात 01:55 बजे से 2:00 बजे तक

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Mathura-Vrindavan Janmashtami 2025 - फोटो : adobe stock
बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती का समय
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक साल में 1 बार जन्माष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती की जाती है, जिसमें शामिल होने के लिए दूर-दराज से लोग आते हैं। इस दौरान न केवल आरती बल्कि कान्हा जी का महाभिषेक भी की जाता है, जो बेहद शुभ होता है। इस बार 16 अगस्त 2025 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर रात 12 बजे मंगला आरती होगी।

Krishna Janmashtami 2025: दुर्लभ योग में कृष्ण जन्माष्टमी-जानें इसका ज्योतिषीय महत्व और राशि अनुसार दान
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Mathura-Vrindavan Janmashtami 2025 - फोटो : adobe stock
कृष्ण जन्माष्टमी 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त
  • अष्टमी तिथि आरंभ: 15 अगस्त 2025 को रात 11:49 बजे
  • अष्टमी तिथि समाप्त: 16 अगस्त 2025 को रात 09:34 बजे
  • रोहिणी नक्षत्र आरंभ: 17 अगस्त 2025 को सुबह 04:38 बजे
  • रोहिणी नक्षत्र समाप्त: 18 अगस्त 2025 को तड़के 03:17 बजे
  • चंद्रोदय का समय: 16 अगस्त को रात 10:46 बजे

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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