फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dahi Handi 2023: इस साल कब किया जाएगा दही हांडी उत्सव का आयोजन? जानिए क्या है इसका महत्व

Tue, 05 Sep 2023 04:49 PM IST
आशिकी पटेल ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार


 
विज्ञापन
1 of 5
दही हांडी उत्सव का आयोजन - फोटो : Amar Ujala
Dahi Handi 2023: भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस साल कृष्ण जन्माष्टमी का यह पर्व 6 सितंबर 2023 को है। कृष्ण जन्माष्टमी के एक दिन बाद यानी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को दही हांडी उत्सव का आयोजन किया जाता है। इस उत्सव के दौरान मिट्टी के बर्तन में दही भरकर ऊपर रस्सी पर लटका दिया जाता है। वहीं गोविंदाओं को टोली पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर लटकी हांडी को तोड़ते हैं। दही हांडी मुख्य रूप से महाराष्ट्र और गुजरात का पर्व है, लेकिन अब इसे पूरे भारत में जोर-शोर से मनाया जाने लगा है। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल दही हांडी उत्सव कब है और क्यों मनाते हैं यह त्योहार... 

Janmashtami 2023: इन चीजों के बिना अधूरा है लड्डू गोपाल का श्रृंगार, जन्माष्टमी पर इस तरह करें कान्हा को तैयार 
विज्ञापन

2 of 5
दही हांडी उत्सव का आयोजन - फोटो : PTI
कब मनाया जाएगा दही हांडी उत्सव 2023 ? 
इस साल कृष्ण जन्माष्टमी 6 सितंबर 2023 को है। कृष्ण जन्माष्टमी के अगले दिन दही हांडी उत्सव मनाया जाता है। ऐसे में इस साल 7 सितंबर 2023 को दही हांडी उत्सव मनेगा।
विज्ञापन

3 of 5
दही हांडी उत्सव का आयोजन - फोटो : Facebook
क्यों मनाया जाता है दही हांडी उत्सव ?
बाल काल में भगवान श्रीकृष्ण बहुत नटखट थे। बाल कृष्ण को माखन बहुत प्रिय था, इसलिए वह वृंदावन में लोगों के घरों से माखन चुराकर खाते थे और अपने सखाओं को भी खिलाया करते थे। उनकी माखन चोरी से गांव की महिलाएं परेशान रहतीं। इसलिए कान्हा से माखन बचाने के लिए माखन की मटकियां घर पर किसी ऊंची जगह पर टांग दिया करतीं, लेकिन नटखट कान्हा अपने दोस्तों के साथ मिलकर तब भी माखन चुरा लिया करते। 

Krishna Janmashtami 2023: इस साल कब है कृष्ण जन्माष्टमी? जानें सही तिथि और कान्हा की पूजा का शुभ मुहूर्त

4 of 5
दही हांडी उत्सव का आयोजन - फोटो : Twitter
ऊंचाई पर लटकी माखन की मटकियों तक पहुंचने के लिए कन्हैया अपनाओं सखाओं के साथ मिलकर एक पिरामिड बनाते और उसपर चढ़ते हुए मटकी से माखन चुरा लेते थे। यहीं से दही हांडी उत्सव की शुरुआत हुई और कृष्ण की माखन चोरी की इस लीला को दही हांडी उत्सव के तौर पर मनाया जाने लगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
दही हांडी उत्सव का आयोजन - फोटो : सोशल मीडिया
कैसे मनाया जाता है दही हांडी उत्सव?
इस उत्सव में ऊंचाई पर मटकी टांग दी जाती है। लड़के मिलकर पिरामिड बनाते हैं और एक लड़का अपने साथियों के ऊपर से चढ़ता हुआ मटकी तक पहुंचकर उसे फोड़ता है। जो लड़का मटकी तक जाता है उसे गोविंदा कहते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को दही हांडी कहा जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें