जानिए खीरे के बिना क्यों अधूरी रहती है श्री कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा
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ऐसे करें नाल छेदन
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन खीरे को काटने की प्रक्रिया को नाल छेदन कहा जाता है। इस दिन पूजा के दौरान खीरे को भगवान कृष्ण के पास रख दें। रात में जैसे ही 12 बजे यानी भगवान कृष्ण का जन्म हो, उसके तुरंत बाद एक सिक्के की मदद से खीरा और डंठल को बीच से काट दें।