श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के त्योहार को लेकर हर बार की तरह इस बार भी असमंजस की स्थिति है। कहीं 23 अगस्त को तो कहीं 24 अगस्त को मनाई जाएगी। भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद की अष्टमी तिथि को हुआ था। अष्टमी तिथि 23 को पड़ रही है इसलिए कहीं 23 तो कहीं 24 अगस्त को मनाई जाएगी। जब-जब भी धरती पर अत्याचार बढ़ा है ,धर्म का पतन हुआ है तब-तब भगवान ने पृथ्वी पर अवतार लेकर सत्य और धर्म की स्थापना की है। भगवान का अवतार मानव के आरोहण के लिए होता है। जगत की रक्षा, दुष्टों का संहार तथा धर्म की पुर्नस्थापना ही प्रत्येक अवतार का उद्देश्य होता है। हमारे धर्मशास्त्रों में चार रात्रियों का विशेष महत्त्व बताया गया है। दीपावली जिसे कालरात्रि कहते है, शिवरात्रि महारात्रि है, होली अहोरात्रि है तो कृष्ण जन्माष्ठमी को मोहरात्रि कहा गया है।
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