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6 जून से हो जाएगा आषाढ़ माह प्रारंभ, जानें यह माह क्यों है खास, किन बातों का रखें ध्यान

Tue, 02 Jun 2020 11:59 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा - फोटो : jagannath
आषाढ़ का महीना हिन्दू पंचांग का चौथा महीना है। पूर्णिमांत के अनुसार यह महीना 6 जून से प्रारंभ होगा और अगले महीने 5 जुलाई 2020 को समाप्त होगा। आषाढ़ मास के प्रमुख त्योहारों में जगन्नाथ रथयात्रा है। इस महीने में सूर्य और देवी की भी उपासना की जाती है और इसी महीने देवशयनी एकादशी के दिन से श्री हरि विष्णु शयन के लिए चले जाते हैं जिसके कारण अगले चार माह तक शुभ कार्यों को करने की मनाही है। इसे चतुर्मास के नाम से भी जाना जाता है। 
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सूर्य उपासना - फोटो : सोशल मीडिया
धार्मिक मान्यता के अनुसार आषाढ़ माह
धार्मिक मान्यता के अनुसार, आषाढ़ माह में गुरु की उपासना सबसे फलदायी होती है। इस महीने में श्री हरि विष्णु की उपासना से भी संतान प्राप्ति का वरदान मिलता है। इस महीने में जल देव की उपासना का भी महत्व है। कहा जाता है कि जल देव की उपासना करने से धन की प्राप्ति होती है। ऊर्जा के स्तर को संयमित रखने के लिए आषाढ़ के महीने में सूर्य की उपासना की जाती है। 
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चंद्र एवं सूर्य ग्रहण। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
आषाढ़ माह में लगेंगे ग्रहण 
खास बात ये है कि इस बार आषाढ़ के महीने में तीन ग्रहण लगेंगे जिनसमें दो चंद्र ग्रहण और एक सूर्य ग्रहण होगा। माह की शुरुआत भी चंद्र ग्रहण से होगी वहीं इसका अंत भी चंद्र ग्रहण के होगा। पहला चंद्र ग्रहण पांच-छह जून की रात्रि में जबकि दूसरा चंद्र ग्रहण 5 जुलाई को लगेगा। वहीं 21 जून को अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण लगेगा। ज्योतिष में ग्रहण का लगना अच्छा नहीं माना जा रहा है। इस दौरान सावधानी बरने की आवश्यकता होती है। 

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सेहत - फोटो : सोशल मीडिया
आषाढ माह में सेहत
स्वास्थ्य के नजरिए से यह माह ठीक नहीं होता है। दरअसल आषाढ़ माह संधि काल का महीना है, आषाढ माह से वर्षा ऋतु की शुरुआत हो जाती है। इसलिए इस महीने में रोगों का संक्रमण सर्वाधिक होता है। वातावरण में भी इस समय नमी होती है। आषाढ़ माह में ही मलेरिया, चिकन गुनिया और डेंगू जैसे रोग होते हैं। इस समय वायरल फीवर के कारण भी लोग बीमार होते हैं। इसलिए महीने कुछ विशेष बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
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पानी - फोटो : पेक्सेल्स
सावधानियां
इस संधि काल के महीने में जल जनित बीमारी अधिक होती हैं। ऐसे में इस समय स्वच्छ जल का सेवन करना करना चाहिए। इस समय खान-पान में रसीले फलों का अधिक सेवन करना चाहिए। हालांकि बेल से पहरेज करें। पाचन को दुरुस्त बनाए रखने के लिए कम तली भुनी चीजों का सेवन करें। आषाढ़ माह में सौंफ, हींग और नींबू का सेवन करना लाभकारी होता है। इस समय घर के आसपास पानी को एकत्रित न होने दें।
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