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क्या पति को रखना चाहिए पत्नी के लिए करवा चौथ का व्रत? जानें धार्मिक नियमों के अनुसार सही है या गलत

Wed, 28 Oct 2026 01:14 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

आज के समय में कई पति भी अपनी पत्नी के साथ उपवास रखते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पति का करवा चौथ का व्रत रखना धार्मिक रूप से उचित है और क्या उनके लिए ऐसा करना अनिवार्य है? आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं...
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क्या पति भी रख सकते हैं करवा चौथ का व्रत? - फोटो : AI
करवा चौथ का पर्व विवाहित जोड़ों के लिए प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इस साल यह त्योहार 29 अक्तूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में खुशहाली की कामना के साथ उपवास करती हैं। सुबह सरगी खाने के बाद शुरू होने वाला व्रत चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद पूरा किया जाता है। हालांकि, बदलते समय के साथ इस पर्व को मनाने के तरीकों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। अब कई पति भी अपनी पत्नी के साथ उपवास रखते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पति का करवा चौथ का व्रत रखना धार्मिक रूप से उचित है और क्या उनके लिए ऐसा करना अनिवार्य है? आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं। 
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क्या पति भी रख सकते हैं करवा चौथ का व्रत? - फोटो : Instagram
क्या पति भी रख सकते हैं करवा चौथ का व्रत?
परंपरागत रूप से करवा चौथ का उपवास विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए करती हैं। वहीं पति के व्रत रखने पर भी कोई सामान्य धार्मिक रोक नहीं मानी जाती। अगर कोई पुरुष अपनी इच्छा और श्रद्धा से पत्नी के साथ उपवास करना चाहता है, तो वह ऐसा कर सकता है। कई दंपति इस दिन साथ में पूजा करते हैं, करवा चौथ की कथा सुनते हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद एक-दूसरे के साथ व्रत पूरा करते हैं। इस तरह उनके लिए यह पर्व आपसी सहयोग और भावनात्मक जुड़ाव का अवसर भी बन जाता है।
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पति के व्रत रखने को लेकर क्या है धार्मिक मान्यता? - फोटो : Instagram
पति के व्रत रखने को लेकर क्या है धार्मिक मान्यता?
धार्मिक परंपराओं में करवा चौथ को मुख्य रूप से महिलाओं के व्रत के रूप में जाना जाता है। इसमें महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक अन्न और जल का त्याग करके अपने पति की मंगलकामना करती हैं। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में इस पर्व से जुड़ी रीति-रिवाजों में अंतर हो सकता है। पति अपनी आस्था के अनुसार पत्नी के साथ पूजा-अर्चना में शामिल हो सकते हैं या उपवास रखने का संकल्प ले सकते हैं। इसे प्रेम, सम्मान और जीवन के सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाने की भावना से जोड़कर देखा जाता है।
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क्या पति के लिए करवा चौथ का व्रत रखना जरूरी है? - फोटो : freepik
क्या पति के लिए करवा चौथ का व्रत रखना जरूरी है?
नहीं, पति के लिए करवा चौथ का व्रत रखना अनिवार्य नहीं माना जाता। यह पर्व परंपरागत रूप से विवाहित महिलाओं के उपवास से जुड़ा है। पति अपनी इच्छा, स्वास्थ्य और पारिवारिक मान्यताओं के अनुसार इसमें भाग ले सकते हैं। यदि वे व्रत नहीं रखते, तो भी पूजा में शामिल होकर पत्नी का साथ दे सकते हैं। उपवास करना या न करना व्यक्तिगत आस्था और सुविधा का विषय है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पति-पत्नी अपने रिश्ते में प्रेम, विश्वास और सम्मान बनाए रखें।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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