Kartik Pradosh Vrat 2025 Date: प्रदोष भगवान शिव को समर्पित व्रत है, जिसे हर महीने के कृष्ण व शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर रखा जाता है। इस दिन महाकाल की पूजा और उनके नामों का स्मरण करने से व्यक्ति के दुखों का समापन होता है और वह खुशहाल जीवन जीता है। शास्त्रों की मानें तो प्रदोष महादेव को प्रसन्न करने का सर्वश्रेष्ठ अवसर है और कार्तिक माह में यह व्रत 18 अक्तूबर को रखा जाएगा। इस दिन धनतेरस का शुभ संयोग बना रहेगा। ऐसे में इस दिन की पूजा से न केवल शिव जी बल्कि लक्ष्मी माता और कुबेर जी की विशेष कृपा भी प्राप्त होगी। आइए इस दिन के महत्व और पूजा विधि को जानते हैं।