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Kanwar Yatra 2025: कांवड़ यात्रा पर जाते समय रखें इन बातों का खास ध्यान, बचें बड़ी गलतियों से

Sat, 07 Jun 2025 02:34 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Things To Avoid During Kanwar Yatra: कांवड़ यात्रा के दौरान कई बार अनजाने में कुछ गलतियां हो जाती हैं, जो पुण्य की जगह पाप का कारण बन सकती हैं। इसलिए यह जरूरी है कि यात्रा के समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा जाए और उन गलतियों से बचा जाए।
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Kanwar yatra 2025 - फोटो : अमर उजाला
Kanwar Yatra Dos and Don’ts: कांवड़ यात्रा एक अत्यंत पवित्र और श्रद्धा से भरी यात्रा है, जो भगवान शिव को समर्पित होती है। हर साल सावन के महीने में लाखों भक्त दूर-दूर से गंगाजल लेकर पैदल चलकर भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। यह यात्रा केवल एक तीर्थयात्रा नहीं, बल्कि तप, भक्ति और संकल्प का प्रतीक है। कांवड़िये इस दौरान कुछ विशेष नियमों और मर्यादाओं का पालन करते हैं क्योंकि यह मार्ग उन्हें ईश्वर के निकट ले जाता है और आध्यात्मिक अनुभव का माध्यम बनता है।
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कांवड़ यात्रा के दौरान कई बार अनजाने में कुछ गलतियां हो जाती हैं, जो पुण्य की जगह पाप का कारण बन सकती हैं। इसलिए यह जरूरी है कि यात्रा के समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा जाए और उन गलतियों से बचा जाए। ऐसे नियमों का पालन करने से न केवल यात्रा सफल होती है, बल्कि इसका आध्यात्मिक फल भी प्राप्त होता है। आइए जानते हैं कांवड़ यात्रा के दौरान कौन-कौन सी बातें भूलकर भी नहीं करनी चाहिए।
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Kanwar yatra 2025 - फोटो : अमर उजाला
कांवड़ जमीन पर न रखें 
कांवड़ यात्रा का सबसे अहम नियम है कि कांवड़ को कभी भी सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए। ऐसा करना भगवान शिव का अपमान माना जाता है। अगर थकान या आराम के लिए रोकना पड़े तो कांवड़ को किसी विशेष स्टैंड या सहारे पर रखना चाहिए। जमीन पर कांवड़ रखने से यात्रा का पुण्य समाप्त हो जाता है और यह अशुभ माना जाता है।
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Kanwar yatra 2025 - फोटो : अमर उजाला
संयम, ब्रह्मचर्य और शुद्धता बनाए रखना जरूरी
अगर कोई शारीरिक या मानसिक रूप से अशांत है, जैसे कि क्रोध, लालच, झूठ बोलना या द्वेष में डूबा हुआ हो, तो उसे कांवड़ यात्रा नहीं करनी चाहिए। यात्रा के पहले संयम, ब्रह्मचर्य और शुद्धता बनाए रखना ज़रूरी होता है। अपवित्र मन और शरीर से गंगाजल ले जाना किसी अशुद्ध जल को भगवान शिव को चढ़ाने जैसा होता है, जो उचित नहीं माना जाता।

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Kanwar yatra 2025 - फोटो : इंस्टाग्राम
तामसिक वस्तुओं से दूर रहें 
कांवड़ यात्रा के दौरान शराब, तंबाकू, मांसाहार या गाली-गलौज करना पूरी तरह से मना है। ऐसे कृत्य भगवान शिव की भक्ति का अपमान करते हैं और यात्रा का फल खराब कर देते हैं। इस यात्रा में मन, बोलचाल और कर्म तीनों को पवित्र बनाए रखना अनिवार्य है।
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Kanwar yatra 2025 - फोटो : अमर उजाला
अहंकार और दिखावे से बचें
कांवड़ यात्रा एक पवित्र और नम्रता भरा कार्य है, इसे कोई शो या प्रसिद्धि पाने का जरिया नहीं बनाना चाहिए। कई लोग सोशल मीडिया पर तस्वीरें या वीडियो डालने के लिए इसे केवल दिखावा बनाते हैं, जो भक्ति भावना को खत्म कर देता है। भगवान शिव को तो वह भक्त प्रिय होता है जो सच्चे मन से श्रद्धा और प्रेम के साथ यात्रा करता है। कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह से दूसरे लोगों को परेशानी देना या ट्रैफिक जाम करना धर्म के खिलाफ है। यात्रा में अनुशासन और सबके प्रति सहनशीलता बहुत जरूरी है। सभी को मिलजुल कर और सम्मान से यात्रा करनी चाहिए ताकि ये तीर्थयात्रा सफल और पावन बनी रहे।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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