जितिया व्रत 2026: संतान की लंबी आयु, अच्छी सेहत और सुखी जीवन की कामना से माताएं जितिया का कठिन व्रत करती हैं। इसे जिउतिया और जीवित्पुत्रिका व्रत के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन माताएं पूरे दिन अन्न और जल का त्याग कर निर्जला उपवास रखती हैं। प्रदोष काल में गंधर्वराज जीमूतवाहन की पूजा-अर्चना करने की परंपरा है।
आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाने वाला यह व्रत विशेष रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के कई अन्य क्षेत्रों में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह व्रत मातृत्व की आस्था और संतान के मंगल की कामना से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। आइए जानते हैं इस साल जितिया व्रत किस दिन रखा जाएगा।