संतान की लंबी आयु के लिए महिलाएं जिउतियां का व्रत रखती हैं। इस व्रत को संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है। हर साल इस व्रत को कृष्णपक्ष की सप्तमी और नवमी को मनाया जाता है। सप्तमी को महिलाएं नहाए खा करती हैं और अष्टमी को व्रत रखती हैं फिर नवमी के दिन महिलाएं पारण करती हैं। आइए जानते हैं इस व्रत को करने के क्या लाभ होते हैं।
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jitiya 2019
21,22 सितंबर को जितीया का व्रत है ।व्रत में महिलाएं सुबह उठकर स्नान करती हैं, इसके बाद पूजा-पाठ करने के बाद बेटे की लंबी उम्र की कामना करती हैं। पूरे दिन निर्जला रहती हैं।
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तीसरे दिन महिलाएं कुछ पारण करती हैं। सूर्य को अर्घ्य देने के बाद जल ग्रहण करती हैं। इस दिन झोर, मरुआ की रोटी और नोनी का साग खाने की परंपरा है।
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इस परंपरा कि शुरुआत महाभारत काल में हुई थी उसके बाद से लेकर अब तक महिलाएं इस परंपरा का पालन करती आ रही हैं।
इस व्रत को शुरू करने से पहले सूर्योदय से पूर्व भोजन किया जाता है। व्रत शुरू करने से पहले मीठे भोजन को खाया जाता है। पारण भी शुभ तिथि देखने के बाद ही किया जाता है।