फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

January Pradosh Vrat: कब रखा जाएगा जनवरी का दूसरा प्रदोष व्रत, जानें सही तिथि और पूजा का समय

Sat, 03 Jan 2026 12:06 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Pradosh Vrat: हर माह में दो बार प्रदोष व्रत आता है। हालांकि जनवरी 2026 में तीन प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं। पहला प्रदोष व्रत साल के पहले दिन रखा गया। ऐसे में आइए जानते हैं दूसरा प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा।   
विज्ञापन
1 of 5
जनवरी 2026 प्रदोष व्रत - फोटो : Amar Ujala
Pradosh Vrat January 2026: हिंदू परंपरा में त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव के लिए अत्यंत प्रिय माना गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है, जो भगवान शिव को समर्पित होता है। कहा जाता है कि प्रदोष व्रत रखने वाले व्यक्ति के जीवन से कष्ट दूर होने लगते हैं और उसे मानसिक शांति, स्वास्थ्य, सौभाग्य तथा वैवाहिक जीवन में आने वाली समस्याओं से मुक्ति मिलती है। हर माह में दो बार प्रदोष व्रत आता है। हालांकि जनवरी 2026 में तीन प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं। पहला प्रदोष व्रत साल के पहले दिन रखा गया। ऐसे में आइए जानते हैं दूसरा प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा।   
विज्ञापन

2 of 5
कह रखा जाएगा प्रदोष व्रत? - फोटो : adobe stock
कह रखा जाएगा प्रदोष व्रत?
माघ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 15 जनवरी 2026, गुरुवार को रात 08:16 बजे होगा और इसका समापन 16 जनवरी 2026, शुक्रवार की रात 10:21 बजे होगा। ऐसे में 16 जनवरी को ही शुक्र प्रदोष व्रत रखा जाएगा।
विज्ञापन

3 of 5
पूजा का शुभ समय - फोटो : adobe stock
पूजा का शुभ समय
प्रदोष व्रत में पूजा के लिए सबसे शुभ समय प्रदोष काल को माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन प्रदोष काल में महादेव कैलाश पर्वत पर आनंदित होकर तांडव नृत्य करते हैं। इसी कारण श्रद्धालु इस तिथि पर प्रदोष व्रत का पालन करते हैं और शिव-शक्ति की कृपा प्राप्त करते हैं। इस दिन प्रदोष काल शाम 05:47 बजे से रात 08:29 बजे तक रहेगा।

4 of 5
शुक्र प्रदोष पर क्या करें - फोटो : adobe stock
शुक्र प्रदोष पर क्या करें
शुक्र प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन सूर्यास्त से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और घर या मंदिर में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और सफेद पुष्प अर्पित करें। पूजा के दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें और शिव चालीसा का पाठ करें। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
शुक्र प्रदोष पर क्या करें - फोटो : adobe stock
शुक्रवार होने के कारण सफेद वस्तुओं का दान करना अत्यंत लाभकारी रहता है। संध्या समय में दीपक जलाकर प्रदोष व्रत कथा सुनें या पढ़ें। इस दिन व्रत के दौरान सात्त्विकता और मन को शांत रखें, क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाएं। अधिकांश लोग पूरे दिन व्रत रखकर केवल एक समय ही भोजन ग्रहण करते हैं। श्रद्धा और नियमपूर्वक यह व्रत करने से सुख, समृद्धि और वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें