फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Holika Dahan 2023: होलिका में भूलकर भी नहीं जलानी चाहिए इन पेड़ों की लकड़ियां, होता है अनिष्ट

Mon, 06 Mar 2023 12:51 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
होलिका में भूलकर भी नहीं जलानी चाहिए इन पेड़ों की लकड़ियां, होता है अनिष्ट - फोटो : iStock
Holika Dahan 2023 Date: होली का त्योहार भारत में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। होली के एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है, फिर अगले दिन होली खेली जाती है। इस साल 7 मार्च 2022 को होलिका दहन होगा और 8 मार्च को होली खेली जाएगी। हिंदू धर्म के अनुसार होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। होलिका दहन से कुछ दिन पहले लकड़ियां इकट्ठा की जाती हैं, जिसके बाद होली के एक दिन पहले विधि-विधान से पूजा पाठ करने के बाद होलिका दहन किया जाता है। लेकिन होलिका दहन के लिए लकड़ियों का चुनाव बेहद सावधानी से करना चाहिए, क्योंकि कुछ पेड़ ऐसे भी होते हैं जिनका इस्तेमाल होलिका दहन में नहीं किया जाता है। इन लकड़ियों के इस्तेमाल से भगवान नाराज हो जाते हैं। आइए जानते हैं कौन से पेड़ की लकड़ियों का होलिका दहन में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए...

Rangbhari Ekadashi 2023: कब है रंगभरी एकादशी? जानें शुभ मुहूर्त और शिव-गौरी की पूजा विधि 
विज्ञापन

2 of 5
होलिका में भूलकर भी नहीं जलानी चाहिए इन पेड़ों की लकड़ियां, होता है अनिष्ट - फोटो : अमर उजाला
होलिका दहन में इन पेड़ों का न करें इस्तेमाल
होलिका दहन के लिए गलती से भी पीपल के पेड़, शमी का वृक्ष, आम के पेड़, आंवले के पेड़, नीम के पेड़, केले के पेड़, अशोक के पेड़ और बेल के पेड़ की लकड़ियों का इस्तेमाल गलती से भी न करें। इन पेड़ों को सनातन धर्म शुभ माना जाता है। इसलिए होलिका दहन में इन पेड़ों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसके अलावा हरे-भरे पेड़ों का भी होलिका दहन में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

 
विज्ञापन

3 of 5
होलिका में भूलकर भी नहीं जलानी चाहिए इन पेड़ों की लकड़ियां, होता है अनिष्ट - फोटो : iStock
इन पेड़ों का कर सकते हैं इस्तेमाल
होलिका दहन में एरंड और गूलर के पेड़ की लकड़ियों का ही इस्तेमाल कर सकते हैं। वैसे तो गूलर के पेड़ को भी सनातन धर्म शुभ माना गया है, लेकिन इस मौसम में गूलर के पेड़ की पत्तियां झड़ने लगती हैं। ऐसे में यदि इन वृक्षों की टहनियों को न जलाया जाए तो इसमें कीड़े लगने लगते हैं। इसके अलावा किसी सूखे हुए पेड़ की टहनियों  किया जा सकता है।

Chhadi Mar Holi 2023: इस दिन मनाई जाएगी गोकुल में छड़ीमार होली, जानिए कैसे शुरू हुई ये अनूठी परंपरा 

4 of 5
होलिका में भूलकर भी नहीं जलानी चाहिए इन पेड़ों की लकड़ियां, होता है अनिष्ट - फोटो : iStock
उपले और कंडे का करें इस्तेमाल
होलिका दहन में गाय के गोबर के कंडों का इस्तेमाल शुभ माना जाता है। ऐसा करने से वातावरण भी शुद्ध रहता है। गाय का गोबर पूजा-पाठ में विशेष तौर पर काम में लाया जाता है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
होलिका में भूलकर भी नहीं जलानी चाहिए इन पेड़ों की लकड़ियां, होता है अनिष्ट - फोटो : iStock
खरपतवार का कर सकते हैं इस्तेमाल
लकड़ियों और उपलों के अलावा खर पतवार को भी होलिका दहन में जलाया जा सकता है। इसकी वजह से अनावश्यक हरे पेड़ों को नहीं काटना पड़ेगा। साथ ही खर पतवार को होलिका में जला देने से आसपास की सफाई भी हो जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें