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Hindu Nav Varsh: 2026 में कब शुरू होगा हिंदू नववर्ष? जानें सही तिथि और इसका महत्व

Wed, 31 Dec 2025 11:10 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Hindu Nav Varsh 2026: भारतीय संस्कृति में नया साल ग्रेगोरियन कैलेंडर के साथ शुरू नहीं होता है। दरअसल हिंदू धर्म में नए वर्ष की गणना वैदिक पंचांग के अनुसार की जाती है, जिसका धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं कि 2026 में हिंदू नववर्ष कब शुरू होगा? 
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कब है हिंदू नववर्ष? - फोटो : Amar Ujala
Hindu Nav Varsh 2026 Date: जल्द ही समाप्त होने जा रहे हैं और 1 जनवरी 2026 से नया अंग्रेजी वर्ष शुरू हो जाएगा। हालांकि, भारतीय संस्कृति में नया साल ग्रेगोरियन कैलेंडर के साथ शुरू नहीं होता है। दरअसल हिंदू धर्म में नए वर्ष की गणना वैदिक पंचांग के अनुसार की जाती है, जिसका धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व होता है।

हिंदू नववर्ष 2026 की तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष का आरंभ चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से माना जाता है। वर्ष 2026 में यह तिथि 19 मार्च 2026, गुरुवार को पड़ेगी, जिसे नए संवत्सर के आरंभ का शुभ अवसर माना जाता है। इस दिन से विक्रम संवत 2083 की शुरुआत होगी। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस संवत का नाम सिद्धार्थ अथवा रौद्र संवत 2083 बताया गया है।

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हिंदू नववर्ष 2026 की तिथि - फोटो : Amar Ujala
इस वर्ष हिंदू नववर्ष गुरुवार के दिन आरंभ हो रहा है, जिसे विशेष रूप से शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन राजा ग्रह बृहस्पति और मंत्री ग्रह मंगल का संयोग रहेगा, जो समाज, व्यापार, शिक्षा और धार्मिक गतिविधियों के लिए सकारात्मक संकेत देता है।

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हिंदू नववर्ष का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व - फोटो : adobe stock
हिंदू नववर्ष का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
हिंदू मान्यताओं के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा सृष्टि के पुनः सृजन का प्रतीक है। धार्मिक कथाओं में उल्लेख मिलता है कि भगवान ब्रह्मा ने इसी तिथि से सृष्टि की रचना का कार्य आरंभ किया था। इसी कारण इस दिन को नव सृजन और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

हिंदू नववर्ष के साथ ही चैत्र नवरात्रि का भी शुभारंभ होता है। ये नौ दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के लिए समर्पित होते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में हिंदू नववर्ष को अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। महाराष्ट्र में इसे गुड़ी पड़वा, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में युगादि, जबकि सिंधी समाज में चेटी चंद के रूप में मनाया जाता है।

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हिंदू नववर्ष पर क्या करना चाहिए - फोटो : adobe stock
हिंदू नववर्ष पर क्या करना चाहिए
नववर्ष के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना और स्वच्छ वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। घर में पूजा-पाठ करें और ईश्वर से सुख-समृद्धि की कामना करें। इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करना विशेष फलदायी माना गया है। घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
 
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हिंदू नववर्ष पर क्या न करें - फोटो : adobe stock
हिंदू नववर्ष पर क्या न करें
इस दिन तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए। नकारात्मक सोच, कटु वाणी और वाद-विवाद से दूर रहें। घर में साफ-सफाई रखें और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने दें। मान्यता है कि नववर्ष की शुरुआत जैसा माहौल लेकर की जाती है, पूरे वर्ष उसी का प्रभाव बना रहता है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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