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Hartalika Teej 2025: हरतालिका तीज पर सिर्फ भोलेनाथ ही नहीं, इन देवताओं की आराधना से भी मिलता है शुभ फल

Thu, 21 Aug 2025 06:28 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Hartalika Teej: इस वर्ष हरतालिका तीज 27 अगस्त 2025, बुधवार को मनाई जाएगी। परंपरा के अनुसार महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं और पूरी रात जागरण कर भजन-कीर्तन करती हैं। 
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Hartalika Teej Puja VIdhi - फोटो : अमर उजाला
Hartalika Teej Puja Vidhi: हिंदू धर्म में हरतालिका तीज का विशेष महत्व है। यह व्रत महिलाओं के लिए भक्ति, प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। विवाहित स्त्रियां इस व्रत को पति की लंबी आयु और वैवाहिक सुख-समृद्धि के लिए करती हैं, वहीं अविवाहित कन्याएं अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति की कामना से इसे रखती हैं। इस वर्ष हरतालिका तीज 27 अगस्त 2025, बुधवार को मनाई जाएगी। परंपरा के अनुसार महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं और पूरी रात जागरण कर भजन-कीर्तन करती हैं।
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माना जाता है कि यह वही दिन है जब माता पार्वती ने कठिन तपस्या कर भगवान शिव को अपने पति के रूप में प्राप्त किया था। इसलिए इस व्रत को शिव-पार्वती के अटूट मिलन का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, हरतालिका तीज केवल शिव-पार्वती की पूजा तक सीमित नहीं है। इस दिन गणेशजी, सूर्य देव और शुक्र देव की आराधना करना भी आवश्यक है, जिससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
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भगवान गणेश की पूजा का महत्व - फोटो : instagram
भगवान गणेश की पूजा का महत्व
हर शुभ कार्य की तरह हरतालिका तीज की पूजा भी भगवान गणेश की आराधना के बिना अधूरी मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि गणपति बप्पा ही विघ्नहर्ता हैं और किसी भी पूजा या व्रत में आने वाली बाधाओं को दूर करते हैं। इसलिए तीज के दिन महिलाएं सबसे पहले गणेशजी की पूजा करती हैं और फिर अपने व्रत की शुरुआत करती हैं। ऐसा करने से न केवल पूजा सफल और निर्विघ्न रूप से संपन्न होती है, बल्कि घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का भी आगमन होता है।
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सूर्य देव की आराधना - फोटो : adobe stock
सूर्य देव की आराधना से ऊर्जा और स्वास्थ्य
हरतालिका तीज पर सूर्य देव की उपासना का विशेष महत्व है। प्राचीन परंपरा के अनुसार, इस दिन सूर्य को अर्घ्य देने से जीवन में ऊर्जा और उत्साह का संचार होता है। माना जाता है कि सूर्य की कृपा से सेहत अच्छी रहती है और जीवन शक्ति बढ़ती है। यही कारण है कि महिलाएं तीज की पूजा में सूर्य देव की आराधना अवश्य करती हैं।

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शुक्र देव की पूजा - फोटो : adobe stock
शुक्र देव की पूजा से प्रेम और सामंजस्य
धार्मिक शास्त्रों में शुक्र देव को प्रेम, आकर्षण और वैवाहिक सामंजस्य का कारक माना गया है। हरतालिका तीज पर शुक्र देव की पूजा करना दांपत्य जीवन के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। उनकी आराधना से पति-पत्नी के बीच आपसी समझ और प्रेम बढ़ता है तथा वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहती है।
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पूजा में नारियल, बेलपत्र, फल, फूल और मिठाइयों का भोग लगाया जाता है। - फोटो : Instagram
व्रत और पूजा की परंपरा
हरतालिका तीज का व्रत निर्जला उपवास के रूप में किया जाता है, जिसमें महिलाएं पूरे दिन बिना जल ग्रहण किए भगवान शिव-पार्वती की आराधना करती हैं। पूजा में नारियल, बेलपत्र, फल, फूल और मिठाइयों का भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए उपवास और विधिपूर्वक पूजा से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और परिवार को देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है।
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केवल शिव-पार्वती तक सीमित नहीं है हरतालिका तीज - फोटो : Instagram
केवल शिव-पार्वती तक सीमित नहीं है हरतालिका तीज
अक्सर यह समझा जाता है कि हरतालिका तीज का व्रत केवल भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए होता है। लेकिन शास्त्रों के अनुसार, यह व्रत तभी पूर्ण माना जाता है जब इसके साथ भगवान गणेश, सूर्य देव और शुक्र देव की भी पूजा की जाए। इन सभी देवी-देवताओं की सामूहिक आराधना से न केवल व्रती को आध्यात्मिक शक्ति मिलती है, बल्कि घर-परिवार में सुख, सौभाग्य और समृद्धि का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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