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Hariyali Teej 2025: हरियाली तीज पर इतनी संख्या में पहनें नई चूड़ियां, मां पार्वती बरसाएंगी कृपा

Sat, 26 Jul 2025 10:57 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य की कामना करने वाला विशेष दिन होता है। आइये जानते हैं कि इस दिन हरी चूड़ियां पहनने का क्या महत्व है और इसे पहनने के नियम क्या हैं...
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Hariyali Teej 2025 - फोटो : adobe
Hariyali Teej 2025: सावन का महीना हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है, खासकर महिलाओं के लिए। इस पावन माह में आने वाला हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य की कामना करने वाला विशेष दिन होता है। इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती है और सौलह श्रृंगार करती है। साथ ही विशेष रूप से हरे रंग की चूड़ियां पहनती हैं, जिसे सौभाग्य, समृद्धि और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में आइये जानते हैं कि इस दिन हरी चूड़ियां पहनने का क्या महत्व है और इसे पहनने के नियम क्या हैं?

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क्यों पहनी जाती हैं हरी चूड़ियां? - फोटो : instagram
क्यों पहनी जाती हैं हरी चूड़ियां?
हरियाली तीज के दिन हरे रंग का विशेष महत्व होता है। यह रंग न केवल प्रकृति और हरियाली का प्रतीक है, बल्कि इसे समृद्धि, शांति और शुभता से भी जोड़ा जाता है। मान्यता है कि भगवान शिव और माता पार्वती को हरा रंग अत्यंत प्रिय है, और इसलिए स्त्रियां इस दिन हरे वस्त्र, बिंदी और चूड़ियों से श्रृंगार करती हैं।
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कितनी चूड़ियां पहननी चाहिए? - फोटो : instagram
कितनी चूड़ियां पहननी चाहिए?
शास्त्रों और परंपरा के अनुसार हरियाली तीज पर चूड़ियां विषम संख्या में पहननी चाहिए। जैसे 5, 7, 11, 21 या 51। विषम संख्या में चूड़ियां पहनना शुभ माना जाता है। यह परंपरा देवी पार्वती से जुड़ी आस्थाओं से प्रेरित है, यह दिन विशेष रूप से पूजन के लिए समर्पित होता है।

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कितनी चूड़ियां पहननी चाहिए? - फोटो : instagram
चूड़ियां पहनते समय रखें यह सावधानी
जब आप पुरानी चूड़ियां हटाकर नई पहनती हैं, तो ध्यान रखें कि दोनों हाथों की चूड़ियां एक साथ न निकालें। पहले दाहिने हाथ की चूड़ियां हटाकर नई पहनें, फिर बाएं हाथ की। इसे परंपरागत रूप से अशुभता से बचने का तरीका माना जाता है।
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हरी चूड़ियां दान करने का महत्व - फोटो : instagram
हरी चूड़ियां दान करने का महत्व
हरियाली तीज के दिन हरी चूड़ियां दान करना भी पुण्यकारी माना गया है। इस दिन सुहागिन महिलाओं को हरे रंग की चूड़ियां भेंट करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। ऐसा करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है।


 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं,और धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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