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Mahashivratri Calendar 2025: 'शिव ही सत्य...शिव ही शक्ति, तस्वीरों में करें भोले भंडारी के दर्शन

Tue, 25 Feb 2025 12:29 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि का दिन भगवान भोलेभंडारी की कृपा प्राप्त करने का पवित्र दिन होता है। इस दिन जो मनुष्य परमसिद्धिदायक भगवान भोलेनाथ की उपासना करता है वह परम भाग्यशाली होता है।
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महाशिवरात्रि 2025: महाशिवरात्रि का दिन भगवान भोलेभंडारी की कृपा प्राप्त करने का पवित्र दिन होता है। - फोटो : अमर उजाला
Maha Shivratri 2025 : हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि के पर्व का विशेष महत्व होता है। हर वर्ष फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को बड़े ही उत्साह और भक्ति भाव से महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस तिथि पर ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस बार महाशिवरात्रि बुधवार, 26 फरवरी को मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना होती है। महाशिवरात्रि का दिन भगवान भोलेभंडारी की कृपा प्राप्त करने का पवित्र दिन होता है। इस दिन जो मनुष्य परमसिद्धिदायक भगवान भोलेनाथ की उपासना करता है वह परम भाग्यशाली होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग का पूजन-अभिषेक करने से सभी देवी-देवताओं के अभिषेक का फल उसी क्षण प्राप्त हो जाता है। महापर्व महाशिवरात्रि के मौके पर पावन तस्वीरों में करते हैं भोले भंडारी के दर्शन।
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MahaShivratri 2025 - फोटो : अमर उजाला
Mahashivratri 2025: इस बार महाशिवरात्रि पर बहुत ही अच्छा शुभ योग बना हुआ है। इस वर्ष महाशिवरात्रि श्रवण नक्षत्र और परिध योग में है। 

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MahaShivratri 2025 - फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि पर चार प्रहर पूजा मुहूर्त
प्रथम प्रहर पूजा समय -  26 फरवरी को शाम 06 बजकर 19 मिनट से रात 09 बजकर 26 मिनट तक
द्वितीय प्रहर पूजा समय - 26 फरवरी को रात 09 बजकर 26 मिनट से रात 12 बजकर 34 मिनट तक
तृतीय प्रहर पूजा समय - 27 फरवरी की रात 12 बजकर 34 मिनट से सुबह 03 बजकर 41 मिनट तक
चतुर्थ प्रहर पूजा समय - 27 फरवरी को सुबह 03 बजकर 41 मिनट से सुबह 06 बजकर 44 मिनट तक

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Mahashivratri 2025 - फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि तिथि 2025
शास्त्रों के अनुसार महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा-आराधना के लिए रात्रि का समय बहुत शुभ माना जाता है। फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 8 मिनट से आरंभ होगी और इसका समापन 27 फरवरी को सुबह 08 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। 

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Mahashivratri 2025 - फोटो : अमर उजाला
शिवपुराण के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन महादेव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। ऐसे में जो भी महाशिवरात्रि पर भगवान शिव-पार्वती की अराधना करते हैं उनके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।

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Mahashivratri 2025 - फोटो : अमर उजाला
शिव जी को प्रिय है बेलपत्र और जल 
भोलेनाथ थोड़ी सी भक्ति और बेलपत्र एवं जल से भी प्रसन्न हो जाते हैं। बेलपत्र और जल से पूजा करने वाले भक्त पर भगवान आशुतोष अपनी कृपा बरसाते हैं।

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Mahashivratri 2025 - फोटो : अमर उजाला
भगवान शिव ने प्रत्येक त्याज्य वस्तु को अपनाया और उन्हें पूज्य प्रतीक बनाया।

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Mahashivratri 2025 - फोटो : अमर उजाला
शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने के नियम
 भगवान शिव को एक साथ जुड़ी हुई तीन पत्तियों वाली बेल पत्र ही चढ़ाना चाहिए।बेल की पत्तियां कहीं से भी कटी-फटी न हो या फिर उसमें कहीं छेद न हो। हमेशा उल्टा बेलपत्र यानी चिकनी सतह की तरफ वाला वाला भाग स्पर्श कराते हुए ही बेलपत्र चढ़ाएं।बेलपत्र को हमेशा अनामिका, अंगूठे और मध्यमा अंगुली की मदद से चढ़ाएं एवं मध्य वाली पत्ती को पकड़कर शिवजी को अर्पित करें।

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Mahashivratri 2025 - फोटो : अमर उजाला
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Mahashivratri 2025 - फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा का महत्व 
पहला प्रहर - स्वास्थ्य और दीर्घायु प्राप्ति के लिए
दूसरा प्रहर - धन और समृद्धि के लिए
तीसरा प्रहर - मनोकामना पूर्ति और संतान सुख के लिए
चौथा प्रहर - मोक्ष और शिव कृपा प्राप्त करने के लिए

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