होती है अष्ट सिद्धि को प्राप्ति
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होती है अष्ट सिद्धि को प्राप्ति
चैत्र और आश्विन नवरात्रि गृहस्थ साधकों के लिए विशेष है और गुप्त नवरात्र सिद्ध, संत, ऋषि मुनियों के लिए विशेष महत्व रखते है। गुप्त नवरात्रि में साधक नवरात्रों का मन, वचन, कर्म से दस महाविद्याओं के मंत्रों का जाप करते है। मानसिक जाप अधिक किया जाता है। साधना आराधना को गुप्त रखा जाता है। एकांत में ध्यान और मंत्र जप किया जाता है।मन्त्र सिद्धि और तंत्र सिद्धि के लिए गुप्त नवरात्री अवधि श्रेष्ठ समझी जाती है। नवरात्रि व्रत पालन के नियम बहुत अधिक कठोर नहीं है, परन्तु दस महाविद्याओं की साधना और आराधना के नियम अत्यंत कठोर है। इन नियमों का पालन करना सब के लिए सहज नहीं है। सिद्ध साधु संत ही पूर्ण रूप से इन नियमों का पालन कर सकते है। गुप्त नवरात्रि में साधक अष्ट सिद्धि को प्राप्त करने के लिए साधना आराधना करते है।
पं. मनोज कुमार द्विवेदी ज्योतिषाचार्य