Dussehra 2025: विजयादशमी पर विशेष उपाय से व्यक्ति को धन, वैभव और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। शास्त्रों में बताए गए कुछ सरल लेकिन प्रभावी उपाय यदि विजयादशमी के दिन पूरे श्रद्धाभाव से किए जाएं तो घर-परिवार में मंगलमय वातावरण का संचार होता है।
Dussehra 2025: आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला विजयादशमी पर्व न केवल असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है, बल्कि यह दिन धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए विशेष उपाय व्यक्ति को धन, वैभव और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। शास्त्रों में बताए गए कुछ सरल लेकिन प्रभावी उपाय यदि विजयादशमी के दिन पूरे श्रद्धाभाव से किए जाएं तो घर-परिवार में मंगलमय वातावरण का संचार होता है।
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विजयदशमी पर शमी का महत्व
- फोटो : amar ujala
1. शमी वृक्ष की पूजा
पौराणिक मान्यता के अनुसार शमी वृक्ष देवी-देवताओं का वासस्थान है। विजयादशमी के दिन शमी वृक्ष की पूजा-अर्चना करने और उसकी पत्तियों को घर लाकर तिजोरी या पूजा स्थान पर रखने से धन-वैभव में वृद्धि होती है। इसे ‘स्वर्णपत्र’ के समान फलदायी माना गया है।
2. शस्त्र और वाहन पूजन
दशहरे के दिन शस्त्र और वाहन पूजन की परंपरा है। यह पराक्रम और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन शस्त्र-पूजन करने से साहस, विजय और सम्मान की प्राप्ति होती है। वाहन पूजन करने से जीवन में आने वाली बाधाओं से मुक्ति मिलती है और यात्रा शुभ होती है।
3. देवी दुर्गा और भगवान राम की आराधना
विजयादशमी के दिन श्रीराम ने रावण का वध किया था और मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया था। इसीलिए इस दिन मां दुर्गा और भगवान राम की विशेष आराधना करनी चाहिए। पूजा में दीपक जलाकर उन्हें लाल फूल अर्पित करें और प्रसाद चढ़ाएं। इससे पारिवारिक कल्याण और सफलता मिलती है।
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अपराजिता का फूल
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4. अपराजिता पौधे की पूजा
विजयादशमी के दिन अपराजिता पौधे की पूजा करने का विशेष महत्व है। इसे घर में लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-शांति बनी रहती है। पौधे की जड़ में हल्दी और सिंदूर अर्पित कर उसकी आराधना करने से परिवार में समृद्धि आती है।
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दशहरा 2025
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5. व्यापार वृद्धि के लिए उपाय
व्यापारी वर्ग इस दिन अपनी दुकानों या प्रतिष्ठानों में लक्ष्मी-गणेश की विशेष पूजा करता है। तिजोरी या गल्ले में शमी के पत्ते, पीली कौड़ी या हल्दी की गांठ रखी जाती है। यह उपाय व्यापार वृद्धि और धनागमन के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
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दशहरा
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6. पितरों का स्मरण
शास्त्रों में कहा गया है कि दशहरे के दिन पितरों का स्मरण और तर्पण करने से उनके आशीर्वाद की प्राप्ति होती है। पितृ कृपा से घर में सुख, शांति और वैभव का वास होता है।
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दशहरा
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7. नए कार्यों का शुभारंभ
विजयादशमी को सर्वार्थ सिद्धि योग की तिथि माना गया है। इस दिन नए कार्यों का शुभारंभ, शिक्षा, व्यवसाय, भूमि, भवन या वाहन की खरीदारी विशेष फलदायी होती है। मान्यता है कि इस दिन शुरू किया गया कार्य अवश्य सफल होता है।
8. दीपदान और दान-पुण्य
इस दिन मंदिरों या पवित्र स्थलों पर दीपदान करना, जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करना अत्यंत शुभ होता है। यह पुण्य कार्य जीवन में अचल लक्ष्मी और सुख-समृद्धि प्रदान करता है।