Dhanteras 2022 Shubh Muhurat For Shopping
- फोटो : अमर उजाला
कौन है भगवान धन्वंतरि
समुद्र मंथन से चौदह प्रमुख रत्नों की उत्पत्ति हुई जिनमें चौदहवें रत्न के रूप में स्वयं भगवान धन्वन्तरि प्रकट हुए जो अपने हाथों में अमृत कलश लिए हुए थे। भगवान विष्णु ने इन्हें देवताओं का वैद्य और वनस्पतियों तथा औषधियों का स्वामी नियुक्त किया। इन्हीं के वरदान स्वरूप सभी वृक्षों-वनस्पतियों में रोगनाशक शक्ति का प्रादुर्भाव हुआ। भगवान धन्वन्तरि आरोग्य और औषधियों के देव हैं। धनतेरस के दिन इनकी पूजा-आराधना अपने और परिवार के स्वस्थ शरीर के लिए करें क्योंकि,संसारका सबसे बड़ा धन आरोग्य शरीर है। आयुर्वेद के अनुसार भी धर्म,अर्थ,काम और मोक्ष की प्राप्ति स्वस्थ शरीर और दीर्घायु से ही संभव है।