अगर आप या आपके घर में कोई भगवान विष्णु का सबसे खास व्रत देव प्रबोधनी यानी देव उठानी एकादशी का व्रत करता है तो उन्हें इस साल उलझन का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि अधिकतर पंचांग और कैलेंडर में एकादशी 11 नवंबर को दिया गया है।
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देव प्रबोधनी एकादशी करने वाले ध्यान दें, नहीं तो छूट सकता है इस साल व्रत
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कृष्ण जन्म
जबकि यह एकादशी का व्रत इस साल 10 नवंबर को है। और 11 नवंबर को इसका परायण होगा। लेकिन जो लोग वैष्णव हैं वह 11 नवंबर को व्रत रखेंगे और 12 नवंबर को परायण करेंगे।
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देव प्रबोधनी एकादशी करने वाले ध्यान दें, नहीं तो छूट सकता है इस साल व्रत
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विष्णु
इसका कारण यह है कि एकादशी तिथि 10 नवंबर को 11 बजकर 21 मिनट से आरंभ होगा और 11 नवंबर को आधे दिन के बाद एकादशी समाप्त हो जाएगी यानी एकादशी दो दिन है।
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विष्णु
ऐसे में शास्त्रीय विधान है कि जब दो दिन एकादशी तिथि हो जाती है तो पहले दिन स्मार्त यानी गृहस्थों की एकादशी होती है और दूसरे दिन वैष्णवों यानी साधु संतों की एकादशी होती है।