नवंबर और दिसंबर माह में विवाह के शुभ मुहर्त
देवउठनी पर विवाह का शुभ मुहूर्त है। इसके बाद 25 और 30 नवंबर को विवाह कार्यक्रम संपन्न किया जा सकता है। फिर नया महीना दिसंबर आरंभ हो जाएगा जिसमें 1, 6,7,9,10 और 11 दिसंबर को विवाह का शुभ मुहूर्त है। 15 दिसंबर से एक बार फिर से मलमास लग जाने की वजह से विवाह का शुभ मुहर्त नहीं होगा। इसके बाद गुरु और शुक्र के अस्त होने की वजह से विवाह का मुहूर्त नहीं होगा।
साल 2021 में विवाह के मुहूर्त
नया वर्ष 2021 में विवाह के बहुत ही कम मुहूर्त होंगे। साल 2021 में सिर्फ 51 दिन ही विवाह कार्यक्रम संपन्न किए जा सकेंगे। 18 जनवरी 2021 को विवाह का पहला शुभ मुहूर्त होगा। फिर इसके बाद गुरु और शुक्र ग्रह के अस्त होने की वजह से विवाह का कोई भी मुहूर्त नहीं रहेगा। 19 जनवरी से 16 फरवरी तक गुरु तारा के अस्त होने की वजह से विवाह नहीं किए जा सकेंगे। 16 फरवरी के बाद शुक्र तारा भी अस्त हो जाएगा जो 17 अप्रैल तक अस्त रहेगा। इस तरह साल 2021 में 18 जनवरी के बाद दूसरा विवाह मुहर्त 22 अप्रैल को रहेगा। देवशयनी एकादशी पर एक बार फिर से विवाह नहीं हो सकेंगे।