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December Pradosh Vrat 2024: दिसंबर में कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत ? जानें तिथि और मुहूर्त

Sun, 08 Dec 2024 07:41 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

December Pradosh Vrat 2024: प्रदोष व्रत भगवान शिव की पूजा को समर्पित है। इस दिन उनकी पूजा अर्चना करने से साधक को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती हैं। 
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December Pradosh Vrat 2024 - फोटो : अमर उजाला
December Pradosh Vrat 2024: प्रदोष व्रत भगवान शिव की पूजा को समर्पित है। इस दिन उनकी पूजा अर्चना करने से साधक को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती हैं। यह व्रत हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्षों की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। मान्यता है कि प्रदोष व्रत पर उपवास रखने से मनचाहा वर पाने की कामना पूरी होती है, यह तिथि सुहागिन महिलाओं के लिए और भी खास मानी जाती है। इस दिन शिव-परिवार की उपासना करने से वैवाहिक जीवन सुखमय होता है।

वर्तमान में मार्गशीर्ष माह चल रहा है। इस माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 12 दिसंबर को रात 10 बजकर 26 मिनट पर शुरू हो रही है। इसका समापन 13 दिसंबर को शाम 07 बजकर 40 मिनट पर होगा। इस प्रकार 13 दिसंबर 2024 को मार्गशीर्ष मास का अंतिम प्रदोष व्रत रखा जाएगा, हालांकि यह दिसंबर माह का पहला व्रत कहलाएगा। इस दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जिसमें पूजा करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति हो सकती हैं। ऐसे में आइए प्रदोष व्रत की पूजा विधि के बारे में जानते हैं। 
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December Pradosh Vrat 2024 - फोटो : freepik
शुभ मुहूर्त और योग
13 दिसंबर 2024 को प्रदोष व्रत की पूजा के लिए शाम 5 बजकर 26 मिनट से शुभ मुहूर्त शुरू हो रहा है। यह शाम 07 बजकर 40 मिनट तक रहने वाला है। इस दिन शिव योग का निर्माण भी हो रहा है, जो सुबह 11:53 मिनट तक रहेगा। इसके बाद साध्य बनेगा, जो अगले दिन यानी 14 दिसंबर तक रहेगा।
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December Pradosh Vrat 2024 - फोटो : freepik
पूजा विधि
  • प्रदोष व्रत की पूजा के लिए सबसे पहले स्नान कर लें।
  • घर में गंगाजल का छिड़काव करें।
  • अब एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं।
  • इसपर शिव-पार्वती की तस्वीर या मूर्ति को स्थापित करें।
  • शिवलिंग का अभिषेक करें।
  • महादेव को फूल, बेलपत्र और मिठाई अर्पित करते जाएं।
  • दीया और धूप बत्ती भी जला लें।
  • महादेव के मंत्रों का जाप करें।
  • शिव चालीसा का पाठ करें।
  • आखिरी में आरती करते हुए सुख-समृद्धि की कामना करें।

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December Pradosh Vrat 2024 - फोटो : freepik
शिव जी की आरती 
ओम जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव अर्द्धांगी धारा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे। हंसानन गरूड़ासन
वृषवाहन साजे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
मधु कैटव दोउ मारे, सुर भयहीन करे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
लक्ष्मी, सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
पर्वत सोहें पार्वतू, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
जया में गंग बहत है, गल मुण्ड माला।
शेषनाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवान्छित फल पावे।।
ओम जय शिव ओंकारा।। ओम जय शिव ओंकारा।।
 
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December Pradosh Vrat 2024 - फोटो : freepik
मां पार्वती की आरती 
जय पार्वती माता, जय पार्वती माता.
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता..
जय पार्वती माता...
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता.
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता.
जय पार्वती माता...
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा.
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा..
जय पार्वती माता...
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता.
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता..
जय पार्वती माता...
शुम्भ-निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता.
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा..
जय पार्वती माता...
सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता.
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता.
जय पार्वती माता...
देवन अरज करत हम चित को लाता.
गावत दे दे ताली मन में रंगराता..
जय पार्वती माता...
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता.
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता..
जय पार्वती माता...।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
 
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