margsheersh purnima 2025
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मार्गशीर्ष पूर्णिमा
इस दिन मां अन्नपूर्णा और भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। माना जाता है कि इससे घर में अन्न और धन की कभी कमी नहीं रहती।
पौष मास का आरंभ
पौष महीने में सूर्य की उपासना, पितरों का तर्पण, दान, पुण्य और उपवास का विशेष महत्व होता है। इन कर्मों से व्यक्ति को समृद्धि, ज्ञान और मोक्ष का लाभ मिलता है।
सफला एकादशी
मान्यता है कि इस एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से सभी कार्य सफल होते हैं। इसी कारण इसे सफलता दिलाने वाली एकादशी कहा जाता है।
धनु संक्रांति और खरमास की शुरुआत
इस दिन सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे खरमास शुरू हो जाता है। इस अवधि में शुभ कार्य न करने की परंपरा है, क्योंकि गुरु और सूर्य की कृपा कम मानी जाती है।
पौष अमावस्या
पूरा पौष मास, खासकर पौष अमावस्या, पितरों की शांति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन किए गए श्राद्ध, पूजा और दान से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है।
गुरु गोविंद सिंह जयंती
यह गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्म का पर्व है। यह दिन उनके साहस, करुणा और अटूट विश्वास जैसे आदर्शों को याद करने और सम्मानित करने का अवसर है।
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