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Chhath Puja 2025: पूजा के दौरान न करें ये 7 काम, वरना नहीं मिलेगा व्रत का फल

Sat, 25 Oct 2025 05:01 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Chhath Puja Vrat Niyam: छठ पूजा सूर्य देव और छठी मइया की उपासना का पर्व है, जो परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य के लिए मनाया जाता है। व्रती पूर्ण शुद्धता और नियमों का पालन करके पूजा करते हैं, तभी व्रत का फल मिलता है।
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Chhath Puja Vrat Niyam - फोटो : amar ujala
Chhath Puja 2025 Dos And Dont's: लोक आस्था और श्रद्धा का महापर्व छठ कल यानी 25 अक्तूबर से आरंभ होने जा रहा है। चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व सूर्य देव और छठी मइया की उपासना का प्रतीक है। इस दौरान व्रतधारी पूर्ण शुद्धता, नियम और संयम का पालन करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं। छठ की शुरुआत नहाय-खाय से होती है और इसका समापन उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ होता है। यह पर्व परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना के लिए मनाया जाता है।
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शास्त्रों में छठ पूजा से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों का उल्लेख मिलता है, जिनका पालन करना अत्यंत आवश्यक माना गया है। कहा जाता है कि इन नियमों का सही तरीके से पालन करने पर ही व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि छठ पूजा के दौरान कौन-से कार्य करने चाहिए और किन बातों से बचना आवश्यक है, ताकि पूजा सफल और फलदायी हो सके।
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इस वर्ष छठ महापर्व की शुरुआत 25 अक्तूबर 2025 (शनिवार) से होगी और इसका समापन 28 अक्तूबर को होगा। - फोटो : Amar Ujala
छठ पूजा 2025 की तिथियां
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष छठ महापर्व की शुरुआत 25 अक्तूबर 2025 (शनिवार) से होगी और इसका समापन 28 अक्तूबर को होगा। पर्व की शुरुआत नहाय-खाय के साथ होगी, जबकि 26 अक्तूबर को खरना का व्रत रखा जाएगा। इसके बाद 27 अक्तूबर की शाम व्रतीजन डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे और अंत में 28 अक्तूबर की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ यह पावन पर्व पूर्ण होगा।
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छठ पूजा में क्या न करें ? - फोटो : अमर उजाला
छठ पूजा में क्या न करें ? 

साफ-सफाई का महत्व
छठ महापर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक भी है। इस दिन घर, पूजा स्थल और रसोईघर की सफाई अत्यंत जरूरी मानी जाती है। व्रती और उनके परिवार को यह ध्यान रखना चाहिए कि हर जगह धूल-मिट्टी न रहे और सभी स्थान स्वच्छ हों। प्रसाद बनाते समय भी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि गंदगी या असफाई पूजा के फल को प्रभावित कर सकती है।

लहसुन-प्याज से परहेज
नहाय-खाय के दिन व्रती महिलाओं को सात्विक भोजन करना चाहिए। इस दिन लहसुन, प्याज और अन्य तामसिक चीजों से पूरी तरह परहेज करना जरूरी है। ऐसा माना जाता है कि सात्विक भोजन मन को शुद्ध रखता है और भक्ति भाव को मजबूत करता है। केवल व्रती ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के सभी सदस्य भी सात्विक आहार लें, ताकि पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा और श्रद्धा का वातावरण बना रहे।

पानी का सेवन न करें
खरना के दिन से व्रत प्रारंभ होता है और छठ व्रत में निर्जला व्रत का विधान होता है। इस दौरान लगभग 36 घंटे तक पानी का सेवन वर्जित होता है। शास्त्रों में इसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। यदि व्रती इस दौरान पानी पी लेते हैं, तो व्रत अधूरा माना जाता है और पूजा का फल नहीं मिलता। इसलिए व्रती को धैर्य और संयम के साथ इस नियम का पालन करना चाहिए, जिससे पूजा पूर्ण और फलदायक माने जाए।
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छठ पूजा में क्या करना चाहिए - फोटो : अमर उजाला
छठ पूजा में क्या करना चाहिए

फलों को धोकर रखें
छठ पूजा में प्रयोग होने वाले सभी फल और गेहूं को अच्छी तरह धोकर साफ करना चाहिए। इन्हें पशु-पक्षियों से सुरक्षित जगह पर रखा जाना जरूरी है। पवित्रता को बनाए रखने के लिए फलों और अनाज को स्वच्छ स्थान पर रखना अनिवार्य है।

साफ वस्त्र पहनें
व्रती महिलाओं को पूरे चार दिन स्नान करके साफ और शुद्ध वस्त्र पहनने चाहिए। पूजा के दौरान नारंगी रंग का सिंदूर विशेष महत्व रखता है, इसलिए यही प्रयोग करना शुभ माना जाता है।

नई टोकरी का प्रयोग करें
पूजा में हर साल नई टोकरी या सूप का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है। पुरानी या फटी हुई टोकरी का प्रयोग नहीं करना चाहिए। यदि पीतल या लकड़ी की टोकरी हो, तो इसे गंगाजल से शुद्ध कर पूजा में इस्तेमाल किया जा सकता है।

खास ध्यान देने योग्य बात
परिवार के सभी सदस्य इस बात का ध्यान रखें कि व्रती महिला या पुरुष के भोजन करने के बाद ही प्रसाद या खाना ग्रहण करें। खासकर खरना वाले दिन इस नियम का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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