छठ पूजा में क्या न करें ?
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छठ पूजा में क्या न करें ?
साफ-सफाई का महत्व
छठ महापर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक भी है। इस दिन घर, पूजा स्थल और रसोईघर की सफाई अत्यंत जरूरी मानी जाती है। व्रती और उनके परिवार को यह ध्यान रखना चाहिए कि हर जगह धूल-मिट्टी न रहे और सभी स्थान स्वच्छ हों। प्रसाद बनाते समय भी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि गंदगी या असफाई पूजा के फल को प्रभावित कर सकती है।
लहसुन-प्याज से परहेज
नहाय-खाय के दिन व्रती महिलाओं को सात्विक भोजन करना चाहिए। इस दिन लहसुन, प्याज और अन्य तामसिक चीजों से पूरी तरह परहेज करना जरूरी है। ऐसा माना जाता है कि सात्विक भोजन मन को शुद्ध रखता है और भक्ति भाव को मजबूत करता है। केवल व्रती ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के सभी सदस्य भी सात्विक आहार लें, ताकि पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा और श्रद्धा का वातावरण बना रहे।
पानी का सेवन न करें
खरना के दिन से व्रत प्रारंभ होता है और छठ व्रत में निर्जला व्रत का विधान होता है। इस दौरान लगभग 36 घंटे तक पानी का सेवन वर्जित होता है। शास्त्रों में इसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। यदि व्रती इस दौरान पानी पी लेते हैं, तो व्रत अधूरा माना जाता है और पूजा का फल नहीं मिलता। इसलिए व्रती को धैर्य और संयम के साथ इस नियम का पालन करना चाहिए, जिससे पूजा पूर्ण और फलदायक माने जाए।