Chhath puja 2023
- फोटो : chhath puja in varanasi
क्या है छठ की पौराणिक मान्यता?
मान्यताओं के अनुसार, छठ पर्व का आरंभ महाभारत काल के समय में माना जाता है। कर्ण का जन्म सूर्य देव के द्वारा दिए गए वरदान के कारण कुंती के गर्भ से हुआ था। इसी कारण कर्ण सूर्यपुत्र कहलाते हैं। सूर्यनारायण की कृपा से ही इनको कवच व कुंडल प्राप्त हुए थे। सूर्यदेव के तेज और कृपा से ही कर्ण महान योद्धा बने। धार्मिक मान्यता के अनुसार छठ पर्व की शुरुआत सबसे पहले सूर्यपुत्र कर्ण ने ही सूर्य की पूजा करके की थी। कर्ण प्रतिदिन घंटों कमर तक पानी में खड़े रहकर सूर्य पूजा करते थे और उनको अर्घ्य देते थे। आज भी छठ में अर्घ्य दान की यही पद्धति प्रचलित है।