छठ पूजा के दौरान 3 प्रकार के सिंदूर का प्रयोग
- फोटो : प्रयागराज
छठ पूजा के दौरान 3 प्रकार के सिंदूर का प्रयोग
छठ पूजा के दौरान 3 तरह के सिंदूर का इस्तेमाल किया जाता है।
सुर्ख लाल सिंदूर: लाल रंग का सिंदूर मां पार्वती और सती की उर्जा का प्रतीक होता है और लाल रंग का सिंदूर लगाने से पति की आयु लंबी होती है इसलिए आमतौर पर महिलाएं छठ पूजा पर लाल रंग के सिंदूर का इस्तेमाल करती है।
पीला या नारंगी सिंदूर: छठ पूजा के दौरान कुछ महिलाएं पीले या नारंगी रंग के सिंदूर को माथे से लेकर नाक तक सजाकर पूजा करती हैं। छठ पूजा के दौरान जो भी महिला ने व्रत रखा होता है वो इस सिंदूर से दूसरी शादीशुदा महिला की मांग को भी सजाती है। कहा जाता है की इस सिंदूर से छठी मैया और भगवान सूर्य का आशीर्वाद मिलता है और पति का सम्मान बढ़ता है।
मटिया सिंदूर: इस सिंदूर का प्रयोग विशेष रूप से बिहार में किया जाता है। यह सबसे शुद्ध सिंदूर के तौर पर माना जाता है। ये सिंदूर एकदम मिट्टी की क्वालिटी का होता है जिसकी वजह से इसे मटिया सिंदूर कहा जाता है। छठ पूजा के दौरान पूजा में चढ़ाने के लिए खासतौर पर इस सिंदूर का प्रयोग किया जाता है,