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Chaturmas 2025: कब से शुरू हो रहा है चातुर्मास? इन 4 महीनों में करें ये शुभ कार्य, इन कार्यों से रहें दूर

Sat, 24 May 2025 01:03 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Chaturmas Starting  Date: चातुर्मास 2025 की शुरुआत 6 जुलाई से हो रही है, जो भक्ति, साधना और आत्मशुद्धि का विशेष काल है। इस दौरान मांगलिक कार्यों से परहेज कर पूजा-पाठ और दान-पुण्य करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
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Chaturmas 2025 - फोटो : adobe
Chaturmas Kab Hai:  चातुर्मास का आरंभ आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी से होता है, जिसे देवशयनी एकादशी कहा जाता है। यह दिन भगवान विष्णु के क्षीर सागर में योग निद्रा के लिए जाने का प्रतीक है और इसी दिन से चार महीने तक चातुर्मास की अवधि शुरू हो जाती है। इस समय को पूजा-पाठ, जप-तप और साधना के लिए विशेष माना जाता है।
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चातुर्मास के दौरान कई मांगलिक कार्यों पर रोक लगती है और लोग इस अवधि में संयम और धर्म की ओर अधिक ध्यान देते हैं। यह चार महीने आध्यात्मिक उन्नति और आत्मशुद्धि का समय होते हैं, जब व्रत और धार्मिक अनुष्ठान करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। आइये जानते हैं चातुर्मास कब से शुरू हो रहा है और इस दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। 
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Chaturmas 2025 - फोटो : adobe
चातुर्मास के दौरान क्या करें 
  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और सूर्यदेव को प्रणाम करें।
  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें।
  • नियमित रूप से मंत्र जाप और सत्संग में भाग लें।
  • सात्विक भोजन करें और तामसिक पदार्थों से बचें।
  • ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करें।
  • जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, दीप, छाया आदि का दान करें।
  • जितना हो सके मौन रहने की कोशिश करें।
  • दान-पुण्य और यज्ञ-तर्पण जैसे धार्मिक कार्य करें।
 
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Chaturmas 2025 - फोटो : adobe stock
चातुर्मास में भूलकर भी न करें ये काम
  • इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक संस्कार नहीं करने चाहिए।
  • नीले और काले रंग के वस्त्र पहनना वर्जित होता है। इसके बजाय लाल, हरा, पीला या नारंगी रंग पहनना शुभ माना जाता है।
  • अपनी बातों में सावधानी रखें और किसी को दुख पहुंचाने वाले शब्द न बोलें।
  • झूठ बोलने और अन्य गलत कामों से बचें।
  • बिस्तर पर सोने से बचना चाहिए।
  • क्रोध, अहंकार और नकारात्मक भावनाओं से दूर रहें।
 
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Chaturmas 2025 - फोटो : freepik
चातुर्मास में कौन करता है धरती का संचार
चातुर्मास के दौरान जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में होते हैं, तब धरती का संचार भगवान शिव के अवतार रुद्र देव के हाथों में सौंप दिया जाता है। ये चार महीने भगवान विष्णु की अनुपस्थिति में रुद्र देव धरती के संचालन और देखरेख का कार्य संभालते हैं। इस समय के लिए विष्णु जी अपनी जिम्मेदारी रुद्र देव को दे देते हैं।
इस साल चातुर्मास 6 जुलाई से शुरू होगा और 1 नवंबर को देवउठनी एकादशी के दिन समाप्त होगा, जब भगवान विष्णु फिर से जागरण करते हैं और धरती का संचार अपने हाथ में लेते हैं।  अगले दिन 02 नवंबर को तुलसी विवाह के साथ सारे मांगलिक कार्यों की शुरूआत हो जाएगी। 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
 
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