Chaitra Purnima 2026 Kab Hai: चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर व्रत, स्नान और दान का विशेष महत्व होता है। इस बार यह तिथि 1 और 2 अप्रैल दोनों दिन पड़ रही है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि व्रत और स्नान-दान किस दिन करना सही रहेगा। ऐसे में पंचांग का आधार लेना आवश्यक होता है। जिस दिन पूर्णिमा तिथि में सूर्योदय होता है, उस दिन स्नान और दान किया जाता है, जबकि जिस दिन चंद्रोदय पूर्णिमा तिथि में हो, उस दिन व्रत रखा जाता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
चैत्र पूर्णिमा तिथि का समय
दृक पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा की तिथि 1 अप्रैल बुधवार को सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर 2 अप्रैल गुरुवार को सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक रहेगी।