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Chaitra Purnima 2025: शुभ योग में चैत्र पूर्णिमा आज, यहां जानें चंद्रोदय का समय और पूजा विधि

Sat, 12 Apr 2025 06:07 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Chaitra Purnima 2025: इस साल चैत्र पूर्णिमा 12 अप्रैल 2025 को मनाई जा रही है, जो हिंदू नववर्ष की प्रथम पूर्णिमा है। इस दिन देशभर में हनुमान जन्मोत्सव का पर्व भी मनाया जा रहा है। 
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Chaitra Purnima 2025 - फोटो : adobe
Chaitra Purnima 2025: इस साल चैत्र पूर्णिमा 12 अप्रैल 2025 को मनाई जा रही है, जो हिंदू नववर्ष की प्रथम पूर्णिमा है। इस दिन देशभर में हनुमान जन्मोत्सव का पर्व भी मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चैत्र पूर्णिमा पर हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस दिन प्रभु की पूजा-अर्चना करने से साधक के बल में वृद्धि और मन से सभी डर-भय का समापन होता है। वहीं यह दिन मुख्य रूप से चंद्रदेव की उपासना को समर्पित है। कहते हैं कि पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ नजर आता है। ऐसे में उन्हें एक साफ लोटे में जल और दूध का अर्घ्य देने से व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती हैं। आइए इस दिन की संपूर्ण पूजा विधि के बारे में जानते हैं....
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इस बार चैत्र पूर्णिमा तिथि 12 अप्रैल 2025 को प्रातः: 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगी। - फोटो : Freepik
चैत्र पूर्णिमा तिथि
इस बार चैत्र पूर्णिमा तिथि 12 अप्रैल 2025 को प्रात: 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगी। इसका समापन 13 अप्रैल 2025 को सुबह 05 बजकर 52 मिनट पर है। इसलिए 12 अप्रैल 2025 को चैत्र पूर्णिमा व्रत और हनुमान जन्मोत्सव का महापर्व है।
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चंद्रोदय का समय - फोटो : Freepik
चंद्रोदय का समय
पंचांग के अनुसार 12 अप्रैल 2025 को चैत्र पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय शाम 6 बजकर 18 मिनट पर होगा। इस तिथि पर हस्त नक्षत्र बन रहा है, जो शाम 6 बजकर 7 मिनट तक बना रहेगा। इस दौरान व्याघात योग भी बनेगा, जो रात 8 बजकर 39 मिनट तक है।

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चैत्र पूर्णिमा के दिन आप सुबह ही पवित्र नदी में स्नान कर लें। - फोटो : freepik
पूजा विधि
  • चैत्र पूर्णिमा के दिन आप सुबह ही पवित्र नदी में स्नान कर लें।
  • अगर आप किसी पवित्र नदी में स्नान नहीं कर सकते हैं, तो घर पर ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान कर सकते हैं।
  • इसके बाद आप एक चौकी लेकर उसपर भगवान विष्णु की मूर्ति को स्थापित करें।
  • अब प्रभु का गंगाजल से अभिषेक करें।
  • फूल, मिठाई चढ़ाकर आप घी का दीपक जला लें।
  • भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करें।
  • प्रभु की आरती करें और तुलसी दल डालकर उन्हें खीर का भोग लगाएं।
  • अब रात्रि के समय चंद्रमा की आराधना करें।
  • आप एक लोटे में कच्चा दूध डालकर उससे चंद्रमा को अर्घ्य दें।
  • फिर जरूरतमंद व्यक्तियों को दान-दक्षिणा दें।
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चंद्र देव को नमस्कार करने का मंत्र - फोटो : Freepik
चंद्र मंत्र
ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:।।

चंद्र बीज मंत्र
ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:।।

चंद्र देव को नमस्कार करने का मंत्र
दधिशंख तुषाराभं क्षीरॊदार्णव संभवम्।
नमामि शशिनं सॊमं शम्भोर्मकुट भूषणम्॥

 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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