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Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि के पहले दिन भूलकर भी न करें ये तीन काम, बढ़ सकती हैं समस्याएं

Thu, 20 Mar 2025 01:04 PM IST
मेघा कुमारी ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे चैत्र शुक्ल में मनाया जाता है। ये नौ दिन देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना और उपवास के लिए जाने जाते हैं। कहते हैं कि यदि नवरात्रि में मां दुर्गा की विधि-विधान से उपासना की जाए, तो साधक पर उनकी विशेष कृपा बरसती है।
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इस बार 30 मार्च 2025 से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, जिसका समापन 6 अप्रैल 2025 के दिन किया जाएगा। - फोटो : freepik
Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे चैत्र शुक्ल में मनाया जाता है। ये नौ दिन देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना और उपवास के लिए जाने जाते हैं। कहते हैं कि यदि नवरात्रि में मां दुर्गा की विधि-विधान से उपासना की जाए, तो साधक पर उनकी विशेष कृपा बरसती है। धार्मिक ग्रंथों में चैत्र नवरात्रि को माता का आशीर्वाद पाने का बेहतरीन अवसर माना गया है, क्योंकि इन दिनों देवी का आगमन पृथ्वी लोक पर होता है। इसलिए घर, मंदिर, पूजा पंडालों से लेकर सभी जगहों पर देवी की पूजा का भव्य आयोजन किया जाता है।

इस बार 30 मार्च 2025 से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, जिसका समापन 6 अप्रैल 2025 के दिन किया जाएगा। वहीं इस वर्ष मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं, जो बेहद शुभ है। ऐसे में नवरात्रि का पहला दिन पूजा-पाठ के लिए कल्याणकारी माना जा रहा है। लेकिन इस दौरान नवरात्रि के पहले दिन इन तीन कार्यों को करने से बचना चाहिए, अन्यथा समस्या हो सकती हैं। आइए इनके बारे में जानते है...
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नवरात्रि के पहले दिन सुबह 6.12 मिनट से सुबह 10.20 मिनट तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त बन रहा है। - फोटो : freepik
घट स्थापना के शुभ मुहूर्त
पंचांग के मुताबिक इस बार नवरात्रि के पहले दिन सुबह 6.12 मिनट से सुबह 10.20 मिनट तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त बन रहा है। वहीं सुबह 11:59 मिनट से दोपहर 12:49 मिनट तक भी मुहूर्त बना रहेगा।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के पहले दिन घरों में पूजा का विधान है। - फोटो : adobe
न करें ये तीन काम
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के पहले दिन घरों में पूजा का विधान है। इस दौरान मंदिरों में भी माता के आगमन की खुशी में भव्य आयोजन किया जाता है। ऐसे में घर के किसी भी कोने में गंदगी न रखें। ऐसा करना उचित नहीं है।
  • नवरात्रि के पहले दिन नाखून और बाल नहीं काटने चाहिए। इससे आर्थिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
  • नवरात्रि के पहले दिन किसी भी तरह का तामसिक भोजन, प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा, शराब आदि का सेवन भूल से भी न करें। इससे घर की सुख-समृद्धि प्रभावित हो सकती है।

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नवरात्रि कैलेंडर - फोटो : freepik
नवरात्रि कैलेंडर
  • प्रतिपदा 30 मार्च 2025 शैलपुत्री
  • द्वितीया 31 मार्च 2025 ब्रह्मचारिणी
  • तृतीया 01 अप्रैल 2025  चंद्रघंटा
  • चतुर्थी 02 अप्रैल 2025 कुष्मांडा
  • पंचमी 03 अप्रैल 2025 स्कंदमाता
  • षष्ठी 04 अप्रैल 2025 कात्यायनी
  • सप्तमी 05 अप्रैल 2025 कालरात्रि
  • अष्टमी व नवमी 06 अप्रैल 2025 महागौरी व सिद्धिदात्री
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नवरात्रि में इन मंत्रों का करें जाप - फोटो : freepik
नवरात्रि में इन मंत्रों का करें जाप

1. ॐ ज्ञानिनामपि चेतांसि देवी भगवती हि सा।
बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति।।

2. दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेष जन्तोः
स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
दारिद्र्यदुःखभयहारिणि का त्वदन्या
सर्वोपकार करणाय सदार्द्रचित्ता।।
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इन मंत्रों का करें जाप - फोटो : freepik
3. सर्वमङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते।।

4. शरणागत दीनार्तपरित्राण परायणे
सर्वस्यार्ति हरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते।।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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