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Chaitra Navratri 2021: नवरात्रि के नौ दिन कौन से रंग के वस्त्र पहनकर पूजा करने से देवी मां होती हैं शीघ्र प्रसन्न

Mon, 12 Apr 2021 06:58 AM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन, वास्तुविद, नई दिल्ली
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chaitra navratri 2021 - फोटो : अमर उजाला
पावन चैत्र नवरात्रि इस वर्ष 13 अप्रैल मंगलवार से प्रारंभ हो रहे हैं। यह समय माता भगवती की आराधना का श्रेष्ठ समय होता है। शक्ति की भक्ति के इन दिनों में प्रत्येक दिन माँ के अलग-अलग रूपों की पूजा होती है। जो भक्तों को ख़ुशी, शक्ति और ज्ञान प्रदान करती हैं। नवरात्रि का हर दिन देवी के विशिष्ठ रूप को समर्पित होता है और हर देवी स्वरुप की कृपा से अलग-अलग तरह के मनोरथ पूर्ण होते हैं। कलश स्थापना, मां दुर्गा के श्रृंगार के अलावा इन नौ दिनों में अलग-अलग रंग के कपड़े पहनकर पूजा करने का एक खास महत्व और कुछ नियम होते हैं। जिनका पालन करने पर पूजा के फल में वृद्धि होती हैं एवं देवी मां प्रसन्न होकर अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं।
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शैलपुत्री - फोटो : अमर उजाला
देवी शैलपुत्री
नवरात्रि का पहला दिन प्रतिपदा का होता है। इस दिन कलश पूजन के साथ मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री का पूजन किया जाता है। इस दिन माँ की पूजा करते समय आराधक को लाल, गुलाबी, नारंगी एवं रानी रंग के कपड़े पहनकर पूजा करने से लाभ मिलता है।
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नवरात्रि
ब्रह्मचारिणी
देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरुप अत्यंत दिव्य और भव्य है। नवरात्रि के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की उपासना करते समय सफ़ेद, क्रीम या पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना गया है, इससे साधक की मेधा शक्ति विकसित होती है।

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देवी चंद्रघंटा
चंद्रघंटा
बाघ पर सवार माँ चंद्रघंटा के शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे रूप चंद्रघंटा का पूजन किया जाता है। इस दिन मां चंद्रघंटा को पीला, लाल, दूधियाँ या केसरिया रंग के कपड़े पहनकर पूजा करने से आपके बिगड़े हुए काम बनने लगते हैं।
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कूष्मांडा
कूष्मांडा
शेर पर सवार माँ कूष्माण्डा देवी ने ही ब्रह्मांड की रचना की थी। इस दिन दुर्गा मां के चौथे रूप कूष्मांडा की आराधना की जाती है। देवी कूष्मांडा प्रकृति की भी देवी हैं इसलिए इनकी पूजा में क्रीम, पीला, हरा और भूरे रंग के वस्त्र पहनने से पूजा के फल में वृद्धि होगी।
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स्कंदमाता
स्कंदमाता
भगवान कार्तिकेय(स्कन्द)की माता होने के कारण देवी के इस पांचवें स्वरुप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है। नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना सफेद, दूधियाँ, लाल या हरे रंग के कपड़े पहनकर करने पर मनुष्य की सभी इच्छाएं पूरी होती है।  
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कात्यायनी देवी
कात्यायनी
दुर्गा मां का छठा रूप माता कात्यायनी है। देवी कात्यायनी को महिषासुर मर्दिनी भी कहा जाता है। माँ कात्यायनी अमोघ फलदायिनी हैं। भक्तों को इस दिन लाल, मेहरून, नारंगी, गुलाबी, गेरुआ एवं मूंगा रंग के कपड़े पहनकर माता रानी की पूजा अर्चना करनी चाहिए।

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कालरात्रि देवी
कालरात्रि
दुर्गा पूजा के सातवें दिन माँ कालरात्रि की पूजा का विधान है। नवरात्रि की पूजा में तंत्र साधना करने वाले लोग इस दिन काले रंग का वस्त्र धारण करते हैं। अन्य आराधकों को बैंगनी, स्लेटी, नीला एवं आसमानी रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना गया है।

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मां महागौरी
महागौरी
मां का आठवां स्वरूप यानी देवी महागौरी सर्वसौभाग्यदायिनी मानी जाती हैं एवं इनका रंग गौर वर्ण का है। ये धन, वैभव और सुख-शांति की अधिष्ठात्री देवी हैं। इनकी पूजा के दौरान साधकों को केसरिया, संतरी या लाल रंग के वस्त्र धारण करना विशेष फलदाई है।
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मां सिद्धिदात्री - फोटो : अमर उजाला
सिद्धिदात्री
नवीं शक्ति सभी सिद्दियों को देने वाली हैं। इस दिन विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधकों को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है। इनकी उपासना के समय लाल, गुलाबी, क्रीम, नारंगी रंग के वस्त्र पहनने से उपासकों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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