वसंत पंचमी के दिन पूजा के लिए पूजा स्थान पर एक चौकी लगाएं।
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वसंत पंचमी पूजा विधि
- वसंत पंचमी के दिन पूजा के लिए पूजा स्थान पर एक चौकी लगाएं।
- अब उसपर पीला साफ वस्त्र बिछाएं।
- माता सरस्वती की मूर्ति स्थापित करें।
- देवी को पीले रंग के वस्त्र, फूल, रोली, केसर और हल्दी व चंदन अर्पित करें।
- मिठाई का भोग लगाएं और दीया जलाएं।
- मां सरस्वती के मंत्रों का जाप करें।
- अब आरती करके प्रसाद वितरित कर दें।
सरस्वती आरती
जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
सद्गुण, वैभवशालिनि, त्रिभुवन विख्याता ।।जय..।।
चन्द्रवदनि, पद्मासिनि द्युति मंगलकारी।
सोहे हंस-सवारी, अतुल तेजधारी।। जय.।।
बायें कर में वीणा, दूजे कर माला।
शीश मुकुट-मणि सोहे, गले मोतियन माला ।।जय..।।
देव शरण में आये, उनका उद्धार किया।
पैठि मंथरा दासी, असुर-संहार किया।।जय..।।
वेद-ज्ञान-प्रदायिनी, बुद्धि-प्रकाश करो।।
मोहज्ञान तिमिर का सत्वर नाश करो।।जय..।।
धूप-दीप-फल-मेवा-पूजा स्वीकार करो।
ज्ञान-चक्षु दे माता, सब गुण-ज्ञान भरो।।जय..।।
माँ सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे।
हितकारी, सुखकारी ज्ञान-भक्ति पावे।।जय..।।
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