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Basant Panchami 2025 Date: 2 या 3 फरवरी कब है सरस्वती पूजा? जानिए तिथि और शुभ मुहूर्त

Wed, 15 Jan 2025 04:14 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

माघ मास का शुभारंभ हो चुका है और इस पवित्र महीने में कई महत्वपूर्ण पर्व और त्योहार मनाए जाते हैं। इन्हीं त्योहारों में से एक है वसंत पंचमी, जिसे ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। आइए जानते हैं इस साल वसंत पंचमी किस दिन मनाई जाएगी।
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Basant Panchami - फोटो : Amar Ujala
Basant Panchami 2025 Date: माघ मास का शुभारंभ हो चुका है और इस पवित्र महीने में कई महत्वपूर्ण पर्व और त्योहार मनाए जाते हैं। इन्हीं त्योहारों में से एक है वसंत पंचमी, जिसे ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन माता सरस्वती की आराधना कर ज्ञान, विद्या और संगीत के आशीर्वाद की कामना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि वसंत पंचमी के दिन ही देवी सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। यह त्योहार हर वर्ष माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है।

इस वर्ष, वसंत पंचमी का पर्व 2 फरवरी 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन माता सरस्वती की प्रतिमा घरों और शिक्षण संस्थानों में स्थापित की जाती है। विशेष विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है और भक्त देवी से बुद्धि, ज्ञान और सृजनशीलता का वरदान मांगते हैं। इस दिन पीले वस्त्र पहनने और पीले रंग के खाद्य पदार्थों का सेवन करने की परंपरा है, जो समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माने जाते हैं।

वसंत पंचमी 2025 की तिथि और समय
दृक पंचांग के अनुसार, माघ शुक्ल पंचमी तिथि की शुरुआत 2 फरवरी 2025 को सुबह 09:14 बजे होगी और इसका समापन 3 फरवरी 2025 को सुबह 06:52 बजे होगा। उदया तिथि के आधार पर वसंत पंचमी का त्योहार 2 फरवरी को मनाया जाएगा। इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि इसे ज्ञान और शिक्षा का प्रतीक माना जाता है।

पूजा का शुभ मुहूर्त
वसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की पूजा के लिए विशेष शुभ मुहूर्त होता है। इस दिन पूजा का सर्वोत्तम समय सुबह 07:09 बजे से 12:35 बजे तक रहेगा। इस समय किए गए पूजा-पाठ से अधिक शुभ फल की प्राप्ति होती है।

वसंत पंचमी का पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह प्रकृति के सौंदर्य और नई ऊर्जा का भी उत्सव है। इस दिन से वसंत ऋतु का आगमन माना जाता है, जो खुशहाली और हरियाली का संदेश लेकर आती है। वसंत पंचमी पर मां सरस्वती की कृपा से विद्या, ज्ञान और आत्मिक शांति प्राप्त होती है, जो इस त्योहार को विशेष और मंगलमय बनाती है।
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
 
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