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Bada Mangal 2025: दूसरा बड़ा मंगल आज, ज़रूर करें ये विशेष उपाय, होगी सभी मनोकामना पूरी

Tue, 20 May 2025 07:03 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Bada Mangal 2025 Date: आज यानी 20 मई 2025 को ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल है, जो खासकर उत्तर भारत, विशेष रूप से लखनऊ में श्रद्धा से मनाया जाता है। इस दिन कुछ खास उपाय करके आप अपनी किस्मत को चमका सकते हैं।
 
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dusra bada mangal kab hai 2025 - फोटो : adobe stock
Bada Mangal 2025 Date: आज ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल है।  बड़ा मंगल सिर्फ एक धार्मिक दिन नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और समर्पण का प्रतीक भी है। इस दिन जो व्यक्ति सच्चे मन से बजरंगबली की पूजा करता है, उसके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। विशेष रूप से उत्तर भारत में इस दिन का विशेष महत्व है, और यह पर्व श्रद्धा और उल्लास से मनाया जाता है।
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इस दिन का ऐतिहासिक संबंध रामायण और महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि जब पांडवों के सबसे बड़े भाई भीम को अपने बल पर घमंड हो गया था, तब हनुमान जी एक बूढ़े वानर के रूप में प्रकट हुए और उन्होंने भीम का घमंड तोड़ा। तभी से ज्येष्ठ माह के मंगलवार को 'बड़ा मंगल' और 'बुढ़वा मंगल' के रूप में मनाया जाने लगा। इस दिन कुछ खास उपायों को अपनाकर लोग अपने जीवन को खुशहाल बना सकते हैं।\
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dusra bada mangal kab hai 2025 - फोटो : adobe stock
बड़ा मंगल के उपाय 
  • बड़े मंगल के दिन हनुमान चालीसा का 11 बार श्रद्धा से पाठ करें। माना जाता है कि इससे जीवन में आने वाले सभी संकट और बाधाएं दूर हो जाती हैं।
  • इस दिन हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं, लाल रंग का चोला पहनाएं और बूंदी का भोग लगाएं। ये उपाय बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए बेहद फलदायी माने जाते हैं।
  • हनुमान मंदिर में नारियल अर्पित करें और लाल रंग का झंडा (ध्वज) चढ़ाएं। ऐसा करने से मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है।
  • बड़ा मंगल के शुभ अवसर पर भंडारे या प्रसाद वितरण का आयोजन करें। इस दिन जरूरतमंदों को भोजन कराना विशेष पुण्य का कार्य माना जाता है।
  • "ॐ हं हनुमते नमः" मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। यह मंत्र मानसिक शांति, शक्ति और आत्मबल देने वाला माना जाता है।
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dusra bada mangal kab hai 2025 - फोटो : adobe stock
बड़ा मंगल के उपायों से मिलने वाले लाभ
  • जीवन में आने वाली परेशानियों और संकटों से राहत मिलती है।
  • पुराने कर्ज या आर्थिक बोझ से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।
  • मानसिक तनाव कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
  • परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
  • हनुमान जी की कृपा से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।
  • यह दिन पुण्य अर्जित करने के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।
  • जरूरतमंदों की सेवा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  • आध्यात्मिक उन्नति के लिए बड़ा मंगल एक बहुत ही शुभ अवसर होता है।
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dusra bada mangal kab hai 2025 - फोटो : adobe stock
बजरंग बाण का पाठ 

दोहा 
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करैं सनमान ।
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करें हनुमान ॥

जय हनुमन्त संत हितकारी ।सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ।।
जन के काज बिलम्ब न कीजै।आतुर दौरि महासुख दीजै ।।

जैसे कूदी सिन्धु महि पारा । सुरसा बदन पैठी विस्तारा ।।
आगे जाय लंकिनी रोका ।मारेहु लात गई सुर लोका ।।

जाय विभीषण को सुख दीन्हा ।सीता निरखि परम-पद लीना ।।
बाग उजारि सिन्धु मह बोरा ।अति आतुर जमकातर तोरा ।।

अक्षय कुमार मारि संहारा ।लूम लपेटि लंक को जारा ।।
लाह समान लंक जरि गई ।जय-जय धुनि सुरपुर में भई ।।

अब बिलम्ब केहि कारन स्वामी ।कृपा करहु उर अन्तर्यामी ।।
जय जय लखन प्रान के दाता ।आतुर होई दु:ख करहु निपाता ।।

जै गिरिधर जै जै सुख सागर ।सुर-समूह-समरथ भट-नागर॥
ओम हनु हनु हनु हनुमंत हठीले ।बैरिहि मारु बज्र की कीले॥

गदा बज्र लै बैरिहि मारो ।महाराज प्रभु दास उबारो ।।
ओंकार हुंकार महाप्रभु धाओ ।बज्र गदा हनु विलम्ब न लाओ ।।

ओम ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीसा ।ओम हुं हुं हुं हनु अरि उर-सीसा॥
सत्य होहु हरी शपथ पायके ।राम दूत धरु मारू जायके

जय जय जय हनुमन्त अगाधा ।दुःख पावत जन केहि अपराधा ।।
पूजा जप-तप नेम अचारा ।नहिं जानत हो दास तुम्हारा ।।

वन उपवन मग गिरि गृह मांहीं । तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं ।।
पायं परौं कर जोरी मनावौं ।येहि अवसर अब केहि गोहरावौं ।।

जय अंजनी कुमार बलवंता ।शंकर सुवन वीर हनुमंता ।।
बदन कराल काल कुलघालक। राम सहाय सदा प्रतिपालक ।।

भूत प्रेत पिसाच निसाचर।अगिन वैताल काल मारी मर ।।
इन्हें मारु, तोहि शपथ राम की । राखउ नाथ मरजाद नाम की ।।

जनकसुता हरि दास कहावो ।ताकी शपथ विलम्ब न लावो ।।
जै जै जै धुनि होत अकासा ।सुमिरत होत दुसह दुःख नासा ।।

चरण शरण कर जोरि मनावौं ।यहि अवसर अब केहि गोहरावौं ।।
उठु उठु चलु तोहि राम-दोहाई ।पायँ परौं, कर जोरि मनाई ।।

ओम चं चं चं चं चपल चलंता ।ओम हनु हनु हनु हनु हनुमन्ता ।।
ओम हं हं हाँक देत कपि चंचल ।ओम सं सं सहमि पराने खल-दल ।।

अपने जन को तुरत उबारौ ।सुमिरत होय आनंद हमारौ ।।
यह बजरंग बाण जेहि मारै।ताहि कहो फिर कोन उबारै ।।

पाठ करै बजरंग बाण की ।हनुमत रक्षा करैं प्रान की ।।
यह बजरंग बाण जो जापैं ।ताते भूत-प्रेत सब कापैं ।।

धूप देय अरु जपै हमेशा ।ताके तन नहिं रहै कलेसा ।।

    दोहा  
प्रेम प्रतीतिहि कपि भजै, सदा धरै उर ध्यान ।
तेहि के कारज सकल सुभ, सिद्ध करैं हनुमान ।।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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