बड़ा मंगल 2025 पूजन विधि
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बड़ा मंगल से जुडी पौराणिक कथा
बड़े मंगल से जुड़ी कई धार्मिक और पौराणिक मान्यताएं प्रचलित हैं। एक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही भगवान श्री राम और हनुमान जी का प्रथम मिलन हुआ था, जो धर्म और भक्ति के महान संबंध की शुरुआत मानी जाती है।
एक अन्य कथा महाभारत काल से जुड़ी है, जिसमें कहा जाता है कि ज्येष्ठ मास के एक मंगलवार को हनुमान जी ने भीम का घमंड तोड़ा था। यह कथा द्वापर युग की है, जब पांडव वनवास में थे। एक दिन द्रौपदी के लिए गंधमादन पर्वत से सुगंधित फूल लाने के उद्देश्य से भीम वहां पहुंचे। रास्ते में उन्हें एक वृद्ध वानर (हनुमान जी) विश्राम करते मिले, जिनकी पूंछ रास्ते में थी। भीम ने घमंड में आकर पूंछ हटाने को कहा, लेकिन वानर ने स्वयं हटाने से इनकार कर दिया और कहा कि तुम ही हटा लो। भीम ने पूरी ताकत लगाई, पर पूंछ हिला भी नहीं पाए। तब वानर रूपी हनुमान जी ने अपनी पूंछ से भीम को पटक दिया। इस घटना से भीम का घमंड चूर हो गया। वह हाथ जोड़कर वानर से उनका परिचय पूछते हैं, तब हनुमान जी अपने वास्तविक स्वरूप में प्रकट होकर बताते हैं कि उन्होंने केवल भीम का घमंड दूर करने के लिए यह रूप धारण किया था।