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Pradosh Vrat: अगस्त में अब कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत? जानें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और लाभ

Mon, 18 Aug 2025 12:24 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है, जो भगवान शिव को समर्पित होता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि अब अगस्त का दूसरा प्रदोष व्रत किस दिन पड़ रहा है। 
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August Pradosh Vrat 2025 - फोटो : freepik
August Pradosh Vrat 2025: हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है, जो भगवान शिव को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाएगी। मान्यता है कि इस तिथि पर की गई उपासना से महादेव शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। इस दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने से भाग्योदय और मनचाहा जीवनसाथी पाने की इच्छा पूरी होती हैं। अगस्त का पहला प्रदोष व्रत सावन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि यानी 6 अगस्त 2025 को रखा गया है। वहीं अब अगस्त का दूसरा प्रदोष व्रत भाद्रपद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाएगा। ऐसे में आइए जानते हैं कि अगला प्रदोष व्रत किस दिन पड़ रहा है। 

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प्रदोष व्रत 2025 डेट और शुभ मुहूर्त - फोटो : अमर उजाला
प्रदोष व्रत 2025 डेट और शुभ मुहूर्त
इस साल भाद्रपद महीने की शुरुआत 10 अगस्त होगी। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 20 अगस्त को दोपहर 01:58 बजे से शुरू होगी और इसका समापन 21 अगस्त को दोपहर 12:44 बजे होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार 20 अगस्त को ही प्रदोष व्रत रखा जाएगा। 

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पूजा का शुभ मुहूर्त - फोटो : अमर उजाला
पूजा का शुभ मुहूर्त
प्रदोष व्रत के दिन यानी त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा प्रदोष काल में ही की जाती है। इसके लिए 20 अगस्त को प्रदोष काल शाम 06:56 बजे से रात 09:07 बजे तक रहेगा। इस समय में भगवान शिव की पूजा को शुभ माना जाता है। बुधवार का दिन पड़ने की वजह से इसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है।

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प्रदोष व्रत के लाभ  - फोटो : अमर उजाला
प्रदोष व्रत के लाभ 
प्रदोष व्रत करने से जातक की बुद्धि और विवेक में वृद्धि होती है। इससे करियर और व्यापार में सकारात्मक बदलाव आता है। सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। वाणी में मधुरता आती है, संवाद कौशल भी बेहतर होता है। इस व्रत को करने से पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलती है।
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प्रदोष व्रत के लाभ  - फोटो : अमर उजाला
प्रदोष व्रत का पालन करने से व्यक्ति की निर्णय क्षमता मजबूत होती है, भ्रम और असमंजस दूर होते हैं। इसके साथ ही पारिवारिक और दांपत्य जीवन में शांति बनी रहती है। रोग, शत्रु और कोर्ट-कचहरी जैसे मामलों में राहत मिलती है। इस व्रत को करने से बुध दोष से संबंधित परेशानियां कम होती हैं। साथ ही भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।


 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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