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Shani Pradosh Vrat 2023: आषाढ़ माह का अंतिम शनि प्रदोष व्रत आज, जानें पूजा विधि और उपाय

Fri, 30 Jun 2023 05:49 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शनि प्रदोष व्रत पूजा विधि और उपाय - फोटो : iStock
Shani Pradosh Vrat 2023: प्रत्येक माह में दो प्रदोष व्रत होते हैं। आज 01 जुलाई 2023, शनिवार को आषाढ़ माह का आखिरी शनि प्रदोष व्रत है। शनि प्रदोष व्रत को बहुत खास माना जाता है। इस व्रत को करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं और शनि दोष भी दूर होता है। शनि प्रदोष व्रत पुत्र प्राप्ति की कामना के लिए भी किया जाता है। प्रदोष व्रत वाले दिन शाम के समय यानी प्रदोष काल में शिव जी के मां पार्वती की पूजा करने से जीवन में सुखों की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि शनि प्रदोष के दिन व्रत रखकर भगवान शिव शंकर की पूजा करने से संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है और व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं शनि प्रदोष व्रत की पूजा विधि और उपाय...

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शनि प्रदोष व्रत पूजा विधि और उपाय - फोटो : iStock
शनि प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 1 जुलाई दिन शनिवार को देर रात 01 बजकर 16 मिनट से शुरू हो रही है। वहीं इसका समापन 1 जुलाई को रात 11 बजकर 07 मिनट पर होगा। प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में की जाती है। इस दिन शिव पूजा का मुहूर्त शाम को 7 बजकर 23 मिनट से रात को 9 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
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शनि प्रदोष व्रत पूजा विधि और उपाय - फोटो : iStock
शनि प्रदोष व्रत पूजा
  • शनि प्रदोष व्रत के दिन पूजा के लिए प्रदोष काल यानी शाम का समय शुभ माना जाता है।
  • सूर्यास्त से एक घंटे पहले, भक्त स्नान करें और पूजा के लिए तैयार हो जाएं।
  • स्नान के बाद संध्या के समय शुभ मुहूर्त में पूजा आरंभ करें।
  • गाय के दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल आदि से शिवलिंग का अभिषेक करें।
  • फिर शिवलिंग पर श्वेत चंदन लगाकर बेलपत्र, मदार, पुष्प, भांग, आदि अर्पित करें।
  • फिर विधिपूर्वक पूजन और आरती करें।

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शनि प्रदोष व्रत पूजा विधि और उपाय - फोटो : iStock
शनि प्रदोष व्रत उपाय
शनि प्रदोष व्रत के दिन शिव जी की विधिवत पूजा के बाद शिवलिंग में जलाभिषेक करें। इसके लिए जल के लोटे में थोड़े से काले तिल डाल लें। इसके बाद शिव पंचाक्षर 'ऊँ नम: शिवाय' का जाप करते हुए जलाभिषेक करें। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
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शनि प्रदोष व्रत पूजा विधि और उपाय - फोटो : iStock
शनि प्रदोष व्रत के दिन छाया दान करना भी अच्छा माना जाता है। इसके लिए एक कटोरी या मिट्टी के दीये में सरसों का तेल भर लें और उसमें एक रूपए का सिक्का डाल दें। इसके बाद इसमें अपना चेहरा देखकर किसी शनि मंदिर में रख दें। ऐसा करने से कुंडली में मौजूद शनि की साढ़े साती और ढैय्या से छुटकारा मिल जाता है।
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शनि प्रदोष व्रत पूजा विधि और उपाय - फोटो : Instagram
शनि प्रदोष व्रत का महत्व
प्रदोष व्रत रखने से शिव जी प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा प्राप्त होती है। साथ ही जो लोग संतानहीन हैं, उनको विशेषकर शनि प्रदोष व्रत करना चाहिए। कहा जाता है इस व्रत को करने से शिव की कृपा से को संतान की प्राप्ति होती है।  
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